
वायु प्रदूषण (सोर्स- सोशल मीडिया)
Noida-Ghaziabad Turn into Gas Chambers: उत्तर प्रदेश के दिल्ली से सटे इलाकों में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही प्रदूषण एक गंभीर संकट बन गया है। नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार चला गया है, जिससे हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई है। आसमान में छाई जहरीली धुंध और धुआँ लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है और इन शहरों को सचमुच ‘गैस चैंबर’ में बदल रहा है। यह स्थिति बताती है कि इन इलाकों में हवा अब सांस लेने लायक नहीं बची है, जिसके चलते विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा बढ़ गया है।
सर्दी बढ़ने के साथ ही उत्तर प्रदेश के कई शहरों की हवा में जहर घुल गया है। दिल्ली से सटे नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण का स्तर बेहद खराब से ‘गंभीर’ श्रेणी के बीच पहुँच गया है। कई जगहों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार दर्ज किया गया है, जो हवा की सबसे खराब स्थिति को दर्शाता है। यह बढ़ता हुआ प्रदूषण शहर को एक ‘गैस चैंबर’ जैसा बना रहा है।
शुक्रवार की सुबह, नोएडा के सेक्टर 125, सेक्टर 116 और सेक्टर 1 जैसे इलाकों में AQI 390 से 400 के पार था। गाजियाबाद के वसुंधरा, इंदिरापुरम, संजय कॉलोनी और लोनी इलाके का भी हाल कुछ ऐसा ही था, जहां AQI का स्तर 400 के आसपास बना रहा। पड़ोसी शहर ग्रेटर नोएडा में AQI 388 और मेरठ में 332 रिकॉर्ड किया गया।
इन आंकड़ों से यह साफ हो जाता है कि इन शहरों की हवा अब सांस लेने के लायक नहीं बची है। हवा में घुला यह जहरीला धुआं सीधे लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। लोगों को आंखों में जलन और लगातार खांसी जैसी शिकायतें हो रही हैं।
बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज़्यादा परेशानी हो रही है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। डॉक्टरों ने लोगों को घर से बाहर निकलने पर मास्क पहनने की सख्त सलाह दी है। दोपहिया वाहन चलाने वाले लोगों को आवाजाही में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदूषण की चिंता के बीच, उत्तर प्रदेश में ठंड ने भी दस्तक दे दी है। मौसम विभाग के अनुसार, आज (14 नवंबर) प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में मौसम सूखा रहने की संभावना है। हालाकि, सुबह के समय छिछला और मध्यम कोहरा छाया रहा और आने वाले दिनों में भी कोहरे का यह सिलसिला जारी रहेगा।
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तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में, कई जिलों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। कानपुर प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इटावा, फुर्सतगंज, बरेली और बाराबंकी में भी पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है। 17 नवंबर के बाद कोहरे में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन मौसम के शुष्क रहने का ही अनुमान है।






