AMU परिसर में मुस्लिम टीचर की सनसनीखेज हत्या, 'अब तो मुझे पहचानोगे' कहकर सिर में दागीं गोलियां

AMU Murder: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में बुधवार रात मुस्लिम शिक्षक दानिश राव की हत्या से हड़कंप मच गया। बदमाशों ने लाइब्रेरी के पास वारदात को अंजाम दिया जिससे कैंपस की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए।
AMU Teacher Murder Case
AMU कैंपस में टीचर की हत्या, फोटो- सोशल मीडिया
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AMU Teacher Danish Rao Murder: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में स्थित अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) का परिसर बुधवार रात गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। यूनिवर्सिटी के एबीके यूनियन हाई स्कूल में कंप्यूटर विज्ञान के शिक्षक दानिश राव की सरेआम हत्या कर दी गई। इस वारदात ने कैंपस की सुरक्षा और राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

वारदात की रोंगटे खड़े करने वाली इनसाइड स्टोरी बुधवार रात करीब 8:45 से 9:00 बजे के बीच, 45 वर्षीय शिक्षक दानिश राव अपने दो साथियों- शिक्षक इमरान और एक स्थानीय व्यापारी गोलू के साथ लाइब्रेरी कैंटीन क्षेत्र में शाम की सैर पर निकले थे। चश्मदीदों के अनुसार, जब वे लाइब्रेरी से केनेडी हॉल के बीच वाली पट्टी पर टहल रहे थे, तभी स्कूटी पर सवार दो नकाबपोश बदमाश वहां पहुंचे। हमलावरों ने उन्हें पिस्तौल दिखाकर धमकाया।

वारदात के दौरान दानिश अपने साथियों से कुछ कदम पीछे रह गए थे, जिसका फायदा उठाकर शूटरों ने उन्हें घेर लिया। एक हमलावर ने गोली चलाने से ठीक पहले बेहद डरावने लहजे में कहा, "तुम मुझे अभी नहीं जानते, अब जान जाओगे।" इसके तुरंत बाद दानिश के सिर में दो गोलियां दागी गईं। उन्हें तत्काल जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

कौन थे दानिश राव?

AMU से दशकों पुराना और गहरा नाता दानिश राव केवल एक शिक्षक नहीं थे, बल्कि उनका और उनके परिवार का अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से बहुत पुराना और गहरा रिश्ता रहा है। दानिश स्वयं एएमयू के पूर्व छात्र थे और पिछले 11 वर्षों से (2015 से) एबीके स्कूल में कंप्यूटर पढ़ा रहे थे। उनका परिवार दशकों से 'अमीर निशा मक्खन वाली कोठी' के पास रहता है। दानिश की मां एएमयू में शिक्षक थीं और उनके पिता भी यूनिवर्सिटी के कर्मचारी रह चुके हैं। वर्तमान में उनके भाई भी एएमयू के इंजीनियरिंग विभाग में शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इतना ही नहीं, दानिश का राजनीतिक रसूख भी था; वे मुरादाबाद की ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट से कांग्रेस के पूर्व विधायक डॉ. मोहम्मद उल्लाह चौधरी के दामाद थे।

सीएम के सुरक्षा दावों के बीच सुरक्षा पर उठते सवाल

यह हत्याकांड राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील हो गया है क्योंकि यह वारदात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उत्तर प्रदेश विधानसभा में राज्य की बेहतर कानून-व्यवस्था और सुरक्षित माहौल के दावों के कुछ ही घंटों बाद हुई। मुख्यमंत्री ने सदन में कहा था कि आज हर व्यक्ति सुरक्षित महसूस कर रहा है और इसी सुरक्षा के कारण निवेश आ रहा है। हालांकि, एएमयू जैसे हाई-प्रोफाइल कैंपस के भीतर हुई इस हत्या ने सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है। एएमयू के प्रॉक्टर मोहम्मद वसीम अली ने घटना की पुष्टि करते हुए इसे बेहद दुखद बताया।

6 टीमें गठित, अभी तक खाली हाथ पुलिस

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नीरज कुमार जादौन ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने पुष्टि की है कि हत्यारों को पकड़ने के लिए पुलिस की छह विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस फिलहाल लाइब्रेरी और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है ताकि नकाबपोश बदमाशों और उनकी स्कूटी की पहचान की जा सके। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है, जिसमें पुरानी रंजिश या किसी आपसी विवाद की संभावना को भी तलाशा जा रहा है।

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