

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बीएमसी चुनाव 2026 से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच शिवसेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने गठबंधन पर मुहर लगा दी है। जिससे बयानबाजी तेज हो गई है। ठाकरे बंधुओं के गठबंधन पर महायुति कटू आलोचना कर रहा है और उस पर स्वार्थ के गठबंधन का आरोप लगा रहा है।
इस पर बीजेपी नेतृत्व वाले महायुति पर निशाना साधते हुए शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि अगर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का एक साथ आना महत्वहीन है, तो फिर इसे लेकर इतना हंगामा क्यों किया जा रहा है।
संजय राउत ने कहा कि ठाकरे बंधुओं की 16 तारीख को बैठक होने वाली है, और यही बात विरोधियों को परेशान कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बीजेपी खुद कह रही है कि इस गठबंधन से उसे फर्क नहीं पड़ता, तो फिर लगातार बयान क्यों दिए जा रहे हैं।
BMC चुनाव 2026 के लिए उद्धव ठाकरे गुट और मनसे के गठबंधन पर संजय राउत ने कहा, "अगर ठाकरे भाइयों के साथ आने से कोई फर्क नहीं पड़ता, तो सब इतना शोर क्यों मचा रहे हैं? हम 16 तारीख को मिलेंगे। ठाकरे भाई मिल रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "मुझे बताइए, भारतीय जनता पार्टी और देवेंद्र फडणवीस ने मराठी लोगों के लिए क्या किया है? गोपीनाथ मुंडे को छोड़कर, क्या किसी ने कभी अखंड महाराष्ट्र की बात की है? क्या किसी ने मराठी लोगों के साथ हो रहे अन्याय और बेलगाम-कारवार सीमा मुद्दे के खिलाफ आवाज़ उठाई है?
चंद्रशेखर बावनकुले पर निशाना साधते हुए संजय राउत ने कहा, "बावनकुले कहते हैं कि हम अलग विदर्भ बनाएंगे, और हम महाराष्ट्र को तोड़ देंगे। उन्होंने यह बात विधानसभा सत्र में कही थी। सिर्फ ठाकरे ही इसके खिलाफ खड़े हुए। क्या मुख्यमंत्री खड़े हुए? बावनकुले से जवाब मांगना मुख्यमंत्री का फर्ज था। ठाकरे की वजह से ही वह इस राज्य के मुख्यमंत्री हैं। हम मुंबई को अलग नहीं होने देंगे - यही बात उन्हें परेशान कर रही है।"