RSS के पथ संचलन में मुस्लिम समुदाय ने बरसाए फूल, मुजफ्फरनगर में दिखी एकता की मिसाल
100 Years of RSS: आरएसएस की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रविवार को मुजफ्फरनगर में भव्य पथ संचलनों का आयोजन किया गया। इसमें खास बात ये रही कि मुस्लिम समाज ने जमकर फूल बरसाए।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
मुजफ्फरनगर में RSS का भव्य पथ संचलन, फोटो- सोशल मीडिया
RSS Path Sanchalan in Uttar Pradesh: मुजफ्फरनगर में विभिन्न इलाकों में हजारों स्वयंसेवकों ने अनुशासित तरीके से भाग लिया। हर तरफ भगवा झंडों और देशभक्ति के नारों से माहौल गूंज उठा।
शहर के वसुंधरा कॉलोनी से अवध विहार ए टू जेड रोड तक निकाले गए पथ संचलन में सैकड़ों स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में शामिल हुए। इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, ब्लॉक प्रमुख अमित कुमार, हरीश अहलावत, भोपाल सिंह और सुघोष आर्य जैसे भाजपा व संघ से जुड़े प्रमुख नेता मौजूद रहे।
मुस्लिम समाज ने बरसाए फूल, दी भाईचारे की मिसाल
रामलीला टीला क्षेत्र में आयोजित पथ संचलन की विशेषता रही कि हिंदुस्तानी पसमांदा मंच से जुड़े मुस्लिम समुदाय के लोगों ने स्वयंसेवकों पर पुष्पवर्षा की। इससे राष्ट्रीय एकता और गंगा-जमुनी तहजीब की झलक दिखाई दी।
मंच के मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार और राष्ट्रीय संयोजक शमशाद मीर के दिशा-निर्देश में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
सम्बंधित ख़बरें
फ्लैग मार्च के बीच सीधे गैंगस्टर के घर में घुस गए IPS विनायक भोंसले, VIDEO ने इंटरनेट पर मचाया बवाल
Bashir Badr Death: जब अपनी ही लिखी शायरी भूल गए थे बशीर बद्र, मेरठ दंगों ने छीन लिया सबकुछ, फिर…
यूपी के चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात, बकरीद पर राज्य में हाई अलर्ट, खुले में कुर्बानी और नमाज पर लगी लगाम! VIDEO
गौ माता को राष्ट्र माता घोषित… बकरीद की नमाज के बाद मुस्लिम समाज की सरकार से बड़ी मांग, देखें VIDEO
‘यह आयोजन देश की एकता का प्रतीक’: पसमांदा मंच
मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहम्मद रिजवान अंसारी ने कहा कि यह आयोजन भारत की साझी संस्कृति और भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “मुजफ्फरनगर ने हमेशा आपसी सौहार्द की मिसाल कायम की है, आज का आयोजन उसी परंपरा का विस्तार है।”
शांति और सुरक्षा के बीच सम्पन्न हुआ पथ संचलन
पथ संचलन के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती रही। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती। कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। आरएसएस की ओर से कहा गया कि शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देशभर में ऐसे आयोजन किए जा रहे हैं ताकि अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति का संदेश समाज तक पहुंचे।
यह भी पढ़ें: बेटे के इलाज के लिए गिरवी रखी जमीन, दर-दर भटका ‘बदनसीब’ बाप, ‘जानलेवा’ कफ सिरप से अबतक 16 की मौत
एकता और सद्भाव की नई मिसाल
मुजफ्फरनगर का यह आयोजन न केवल आरएसएस के अनुशासन का प्रतीक बना बल्कि समाज के विभिन्न समुदायों के बीच एकता और भाईचारे का संदेश भी छोड़ गया। लोगों ने कहा कि यह दृश्य आने वाले भारत की झलक है- जहां विविधता ही असली शक्ति है।
