

Rakesh Tikait Farmers Protest In Meerut: मेरठ में भारतीय किसान यूनियन की हुंकार के आगे एक बार फिर पुलिस-प्रशासन नतमस्तक दिखाई दिया। विभिन्न मार्गो को लेकर सैंकड़ों ट्रैक्टर ट्राली से पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के हजारों किसानों ने पूरी कमिश्नरी चौराहे पर चक्का जाम कर दिया। जिसके चलते यहां से निकलने वाले लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
वहीं, महापंचायत के दौरान राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत मुख्य रूप से शामिल हुए। जिन्होंने किसानों के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के अन्नदाता के साथ सरकार गलत व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि ना तो गन्ना बकाया मिल रहा है और ना ही कर्ज से मुक्ति। जिसके चलते किसान अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहा है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सभी प्रमुख फसलों पर खरीद के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी दी जाए। किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ किया जाए और उन्हें कर्ज मुक्त नीति का लाभ मिले।
गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य समय पर मिले और बकाया भुगतान का जल्द निपटारा किया जाए। देश में एक प्रभावी राष्ट्रीय किसान आयोग का गठन किया जाए। साथ ही कृषि उपकरणों, बीज और खाद पर जीएसटी या तो माफ किया जाए या कम किया जाए। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत महापंचायत में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने बिजली, खाद, चीनी की बढ़ती कीमतों और गन्ने का भुगतान नहीं होने समेत कई समस्याओं को उठाया। इस दौरान राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने एमडीएम सिटी ब्रजेश कुमार सिंह और एसपी सिटी विनायक भोसले को मांगपत्र सौंपा।
बता दें कि इस महापंचायत से पहले भाकियू के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कई गांवों में बैठकें की। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में कमिश्नरी पहुंचकर महापंचायत में शामिल होने की अपील की। जिलाध्यक्ष के अनुसार सभी तहसील क्षेत्रों में भी बैठक कर किसानों को पंचायत की जानकारी दी गई।संगठन का कहना है कि बिजली, खाद, चीनी के दाम और गन्ने के भुगतान समेत कई मुद्दों को लेकर किसान परेशान हैं।
भाकियू की ओर से किसानों की समस्याओं को लेकर 21 जुलाई को अपर मंडलायुक्त अमित कुमार को मांग पत्र सौंपा गया था। लेकिन, अभी तक इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। जिसके बाद चौधरी चरण सिंह पार्क में हुई महापंचायत में सभी मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। भाकियू नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की सभी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर जेल भरो आंदोलन भी शुरू किया जाएगा।
वहीं, प्रदर्शन के दौरान कमिश्नरी चौराहे से कुटी चौराहे के बीच सामान्य वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहा। जबकि माल रोड की ओर से आने वाले वाहन कुटी चौराहा होकर मवाना रोड की तरफ भेजे गए। अन्य मार्गों से आने वाले वाहनों को पुलिस लाइन रोड और मेघदूत पुलिया होते हुए वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया।
मेरठ में भारतीय किसान यूनियन टिकैत की महापंचायत को लेकर मंगलवार को कमिश्नरी परिसर के आसपास किसानों की भारी भीड़ देखने को मिली। जिले की तीनों तहसीलों से करीब एक हजार किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ महापंचायत में पहुंचे। कमिश्नरी परिसर और उसके आसपास बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी हैं। किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर कमिश्नरी चौराहे पर प्रदर्शन किया और घेराव किया।इस महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
महापंचायत को लेकर किसानों में काफी उत्साह देखने को मिला। राकेश टिकैत के पहुंचते ही बड़ी संख्या में किसानों ने उनका स्वागत किया। वह ट्रैक्टर के ऊपर खड़े हुए और वहां मौजूद किसानों का अभिवादन किया। इस दौरान किसानों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की भारी भीड़ देखकर राकेश टिकैत ने हाथ में हल उठाकर किसानों का अभिवादन किया। उनका यह अंदाज महापंचायत में मौजूद किसानों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
महापंचायत में शामिल होने वाले किसानों के लिए भारतीय किसान यूनियन की ओर से भंडारे की भी व्यवस्था की गई है। हजारों किसानों के लिए भोजन तैयार किया गया। महापंचायत से पहले भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने सोमवार को जिले के कई गांवों और तहसील क्षेत्रों में बैठकें की थीं।
इन बैठकों के दौरान उन्होंने किसानों से बड़ी संख्या में महापंचायत में पहुंचने की अपील की थी। फिलहाल किसान अपनी लंबित मांगों को लेकर कमिश्नरी परिसर के आसपास जुटे हुए हैं और महापंचायत के जरिए अपनी मांगों को प्रशासन के सामने रखने की तैयारी में हैं। महापंचायत शुरू होने से पहले किसानों ने रागनी गाकर सभी का मनोरंजन किया।