

Meerut Hotel Operator Arrested: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक बेहद सनसनीखेज और गंभीर मामला सामने आया है। मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र के यू-पॉकेट स्थित निशांत होटल में एक नाबालिग हिंदू किशोरी को मुस्लिम बताकर और उसकी पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड के जरिए कमरा उपलब्ध कराने वाले होटल संचालक को पुलिस ने धर दबोचा है। खुद को भारतीय जनता पार्टी का नेता बताकर इलाके में दबंगई दिखाने वाले आरोपी होटल संचालक अमन फौजी की गिरफ्तारी के भाजपा नेता कुछ भी बोलने से बच रहे है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है, जहां से उसे जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। होटल संचालक अमन फौजी (उम्र करीब 50 वर्ष, पुत्र ज्ञानचंद)। आरोपी मूल रूप से बुलंदशहर के गुलावठी थाना क्षेत्र के ग्राम शेरपुर का रहने वाला है और वर्तमान में गंगानगर के एम-ब्लॉक में निवास करता है।नाबालिग किशोरी का फर्जी आधार कार्ड तैयार कराना और उसी के आधार पर पहचान छिपाकर होटल में कमरा उपलब्ध कराने के मामले में पुलिस द्वारा अपहरण, दुष्कर्म, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, आपराधिक षड्यंत्र और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाई गई हैं।
इस पूरे मामले की सुगबुगाहट 27 अगस्त को तब शुरू हुई जब भावनपुर थाने में एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म किए जाने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुकदमा दर्ज किया और शुरुआती आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन, जब इस मामले की विवेचना आगे बढ़ी, तो पुलिस के हाथ कुछ ऐसे अहम और चौंकाने वाले सुराग लगे जिसने मामले का दायरा और बढ़ा दिया।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने लड़की को ठहराने के लिए भावनपुर के एक होटल का इस्तेमाल किया था। होटल के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की छानबीन करने पर पता चला कि नाबालिग की असली पहचान छिपाने के लिए एक सुनियोजित साजिश के तहत उसका फर्जी आधार कार्ड तैयार कराया गया था, ताकि होटल में किसी तरह का शक पैदा न हो।
इस घटना के सार्वजनिक होने के पीछे स्थानीय संगठनों की सतर्कता भी एक बड़ा कारण रही। गुरुवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को किसी सूत्र से यह सूचना मिली थी कि, एक मुस्लिम युवक एक नाबालिग हिंदू बालिका को लेकर भावनपुर के यू-पॉकेट स्थित निशांत होटल में पहुंचा है। सूचना मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता भारी संख्या में उक्त होटल पर पहुंच गए और वहां जमकर हंगामा किया।
कार्यकर्ताओं के हंगामे और विरोध-प्रदर्शन के बाद पुलिस हरकत में आई और मौके से साक्ष्य जुटाने शुरू किए। पुलिस ने जब अपनी जांच का दायरा विस्तृत किया, तो होटल संचालक अमन कुमार उर्फ अमन फौजी की संदिग्ध भूमिका खुलकर सामने आ गई। इसके बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
शनिवार को एक सटीक मुखबिर की सूचना पर भावनपुर थाना पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी अमन फौजी को दबोच लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में कानूनी शिकंजा कस दिया गया है।
मूल मुकदमे में अब फर्जी दस्तावेज तैयार करना फर्जी दस्तावेजों का असली के रूप में इस्तेमाल करना, आपराधिक षड्यंत्र और बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने वाला कानून यानी पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराएं जोड़ दी गई हैं।
राजनीतिक रसूख का अंत आरोपी अमन फौजी खुद को स्थानीय स्तर पर कथित तौर पर बीजेपी नेता बताकर अपनी धाक जमाने की कोशिश करता था, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराध में संलिप्त पाए जाने पर किसी भी रसूखदार को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सभी आवश्यक विधिक औपचारिकताएं पूरी करते हुए उसे अदालत में पेश कर दिया है। पुलिस का कहना है कि इस पूरे सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल थे और फर्जी आधार कार्ड कहां से और कैसे बनवाया गया था, इसकी गहराई से जांच की जा रही है ताकि, अन्य संलिप्तों को भी जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।