

Premanand Maharaj Vrindavan: वृंदावन संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा और वृंदावन में कथित गतिविधियों को लेकर फलाहारी महाराज के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र ने संत समाज और धार्मिक नगरी में नई चर्चा छेड़ दी है। फलाहारी महाराज ने पत्र में प्रेमानंद महाराज को वृंदावन से गोवर्धन गिरिराज जी ले जाने की मांग करते हुए दावा किया है कि वहां उनके लिए सुरक्षा का वातावरण अधिक बेहतर रहेगा। उन्होंने सरकार से प्रेमानंद महाराज को जेड प्लस सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
फलाहारी महाराज ने अपने पत्र में प्रेमानंद महाराज से अपनी तरह भोजन छोड़कर तपस्या करने और कथित रूप से माफिया गतिविधियों से दूरी बनाए रखने की सलाह भी दी है। पत्र में आश्रम से जुड़े कथित दो गुटों के बीच विवाद का उल्लेख करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पत्र में विराट कोहली के वृंदावन आने को लेकर भी एक दावा किया गया है। फलाहारी महाराज ने लिखा है कि एक गुट की ओर से यह कहा जा रहा है कि विराट कोहली को कथित तौर पर पांच करोड़ रुपये देकर बुलाया गया था और इसी के जरिए प्रेमानंद महाराज को प्रसिद्धि दिलाने का प्रयास किया गया। हालांकि, पत्र में किए गए इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
फलाहारी महाराज ने न्यू बेलवन आश्रम के आसपास यमुना के डूब क्षेत्र की जमीनों की कथित खरीद-फरोख्त का भी आरोप लगाया है। उनका दावा है कि दूसरे पक्ष से जुड़े लोगों ने इस इलाके में बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी है और ऐसे माहौल में प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं।
पत्र में अधिकारियों की कथित मिलीभगत से यमुना खादर की जमीनों की खरीद-बिक्री का आरोप लगाते हुए भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। फलाहारी महाराज ने वृंदावन में कथित रूप से भू-माफिया के सक्रिय होने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।
सबसे गंभीर आरोपों में उन्होंने कथित किडनी तस्करी और गुमशुदा बच्चों से जुड़े अपराधों का भी उल्लेख किया है। उनका दावा है कि इन मामलों के पीछे सक्रिय कथित माफिया नेटवर्क का पर्दाफाश सामान्य जांच से नहीं, बल्कि सीबीआई जांच से ही संभव है। हालांकि, इन गंभीर आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
फलाहारी महाराज ने पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि कुछ लोग साधु के भेष में रहकर कथित आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
फलाहारी महाराज ने प्रेमानंद महाराज को विश्वभर के सनातन समाज के लिए पूजनीय संत बताते हुए उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की है। उनका कहना है कि गोवर्धन गिरिराज जी में रहने से प्रेमानंद महाराज को अधिक सुरक्षित वातावरण मिल सकता है। वृंदावन की प्रमुख संत महामंडलेश्वर कृष्ण जी महाराज, आचार्य राजेश पाठक राघव मुखिया जी, अंकित कृष्ण शास्त्री जी आदि ने बाबा प्रेमानन्द की सुरक्षा की मांग की है
अब इस पत्र के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार और प्रशासन इन गंभीर आरोपों को लेकर क्या कदम उठाते हैं? क्या जमीनों की खरीद-फरोख्त, कथित भूमाफिया नेटवर्क और अन्य आरोपों की स्वतंत्र जांच होगी? साथ ही प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर सरकार का अगला कदम क्या होगा, यह भी महत्वपूर्ण होगा।
वहीं फिलहाल दिनेश फलाहारी महाराज के पत्र में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्ष और प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पत्र में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।