

Chhata Sugar Mill Mathura: बसपा सरकार के कार्यकाल में बंद हुई मथुरा की छाता शुगर मिल को दोबारा चालू कराने की मांग अब धीरे-धीरे बड़े आंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है। बीते एक सप्ताह से मिल परिसर में चल रहे धरना प्रदर्शन को किसानों के साथ-साथ विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों का भी समर्थन मिलने लगा है।
समाजसेवी दीपक शर्मा की अगुवाई में शुरू हुए धरने में अब समाजवादी पार्टी के नेताओं के बाद भूतपूर्व सैनिक परिषद ने भी समर्थन दिया है। सोमवार को परिषद के पदाधिकारी किसानों के साथ धरने पर बैठे और शुगर मिल को जल्द चालू कराने की मांग की।
आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार द्वारा शुगर मिल को दोबारा चालू कराने के लिए बजट स्वीकृत किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ है। किसानों ने सवाल उठाया कि यदि बजट पास हो चुका है तो मिल को चालू कराने की प्रक्रिया में देरी क्यों की जा रही है।
वहीं, धरना स्थल पर पहुंचने वाले कुछ युवाओं के साथ रास्ता रोककर मारपीट किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि धरना प्रदर्शन को खत्म कराने के लिए कुछ अराजक तत्वों द्वारा युवाओं के साथ मारपीट की गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
धरने में लगातार बढ़ रहे जनसमर्थन को देखते हुए प्रशासन भी सक्रिय नजर आ रहा है। भूतपूर्व सैनिक परिषद के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि छाता शुगर मिल को जल्द चालू कराने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया तो धरना समाप्त कर आंदोलन को और व्यापक तथा उग्र रूप दिया जाएगा।