

Chhata Sugar Mill Foundation Stone: छाता क्षेत्र की लंबे समय से बंद पड़ी शुगर मिल को लेकर किसानों और क्षेत्रीय लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने घोषणा की है कि छाता शुगर मिल के पुनरुद्धार और नए प्रोजेक्ट का शिलान्यास सितंबर माह में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया जाएगा। मंत्री की इस घोषणा के बाद क्षेत्र में मिल के दोबारा शुरू होने की उम्मीद को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण के अनुसार छाता में स्थापित होने वाला नया शुगर मिल प्रोजेक्ट आधुनिक तकनीक पर आधारित होगा। नई मिल में प्रतिदिन 10 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई की क्षमता प्रस्तावित की गई है।
खास बात यह होगी कि यह प्लांट केवल गन्ने के पेराई सत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वर्षभर संचालित करने की व्यवस्था की गई है।
मंत्री ने बताया कि गन्ना पेराई का सीजन समाप्त होने के बाद प्लांट को बंद रखने के बजाय इसमें धान और मक्के से इथेनॉल बनाने की व्यवस्था की जाएगी। इस तरह डबल प्लांट प्रोजेक्ट के माध्यम से इकाई को करीब 12 महीने लगातार संचालित रखने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि सालभर संचालन से परियोजना आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।
चौधरी लक्ष्मी नारायण ने छाता शुगर मिल के बंद होने के इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 2003 से 2007 के बीच गन्ना किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिलने के कारण मिल बंद हो गई थी। इसके बाद लंबे समय से क्षेत्र के किसान मिल को दोबारा चालू कराने की मांग करते रहे हैं। किसानों का कहना है कि मिल शुरू होने से उन्हें गन्ने की बिक्री के लिए बेहतर स्थानीय व्यवस्था मिलेगी और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
मंत्री के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने छाता शुगर मिल परियोजना के लिए 240 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जो वर्तमान में गन्ना विभाग के पास उपलब्ध हैं। तकनीकी कारणों से परियोजना में हुई देरी को दूर करते हुए अब नए स्वरूप में प्लांट स्थापित करने की योजना तैयार कर ली गई है।
वहीं, छाता शुगर मिल को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रहे धरना-प्रदर्शन और राजनीतिक विरोध पर भी मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की वास्तविक जनता और किसान सरकार के इस निर्णय से खुश हैं, जबकि कुछ लोग राजनीतिक हित साधने के लिए विरोध का दिखावा कर रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री ने एक बार फिर भरोसा दिलाया कि सितंबर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों शिलान्यास होने के बाद निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। यदि प्रस्तावित परियोजना समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतरती है तो छाता क्षेत्र के किसानों, युवाओं और स्थानीय व्यापारियों के लिए यह बड़ा आर्थिक बदलाव साबित हो सकती है।