गन्ना किसानों की समस्या को लेकर उठी आवाज; छाता चीनी मिल दोबारा चालू कराने की मांग तेज, अनशन पर बैठे दीपक शर्मा

Chhata Sugar Mill: मथुरा के छाता में वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर दीपक शर्मा ने मिल गेट पर 7 दिवसीय अनशन शुरू किया। गन्ना किसानों ने आंदोलन को समर्थन दिया।
 7 Day Hunger Strike Begins to Demand Reopening of Closed Chhata Sugar Mill in Mathura
अनशन पर बैठे दीपक शर्मा (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Mathura Chhata Sugar Mill: गन्ना बाहुल्य क्षेत्र छाता की वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर दीपक शर्मा ने रविवार को चीनी मिल के मुख्य गेट पर 7 दिवसीय अनशन शुरू कर दिया। उन्होंने ऐलान किया कि वह सात दिनों तक दिन-रात मिल गेट पर ही अनशन पर बैठे रहेंगे और मिल को पुनः चालू कराने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे।

अनशन शुरू करते हुए दीपक शर्मा ने शासन-प्रशासन और क्षेत्र की जनता से सवाल किया कि “गन्ना बाहुल्य क्षेत्र की वर्षों से बंद पड़ी इस चीनी मिल की चाबी आखिर किसके पास है?” उन्होंने कहा कि लंबे समय से मिल को दोबारा शुरू कराने के दावे और आश्वासन दिए जाते रहे हैं, लेकिन धरातल पर मिल की तालाबंदी खत्म नहीं हो सकी है।

किसानों पर पड़ रहा अतिरिक्त परिवहन खर्च  

दीपक शर्मा का कहना है कि चीनी मिल बंद होने का सीधा असर क्षेत्र के गन्ना किसानों पर पड़ रहा है। किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए दूसरे क्षेत्रों की मिलों पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे किसानों को अतिरिक्त परिवहन खर्च और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन की ओर से लगातार आश्वासन तो दिए जाते हैं, लेकिन मिल को शुरू कराने के लिए ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि उनका अनशन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र के किसानों की समस्या को प्रमुखता से उठाने के लिए है।

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स्थानीय किसानों ने भी दिया अपना समर्थन

दीपक शर्मा ने स्पष्ट किया कि जब तक चीनी मिल को पुनः शुरू कराने की दिशा में ठोस और पारदर्शी कदम नहीं उठाया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अनशन की सूचना के बाद स्थानीय किसान और समर्थक भी चीनी मिल गेट पर पहुंचने लगे और आंदोलन को अपना समर्थन दिया।

अब देखना होगा कि सात दिवसीय अनशन के बीच शासन-प्रशासन की ओर से क्या पहल की जाती है और वर्षों से बंद पड़ी छाता चीनी मिल को लेकर किसानों को कोई ठोस समाधान मिल पाता है या नहीं।

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