

Radhashtami Festival Barsana: राधारानी की जन्मभूमि बरसाना में राधाष्टमी महोत्सव को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंचने लगी हैं। 18 और 19 सितंबर को होने वाले ऐतिहासिक राधाष्टमी उत्सव में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा, दर्शन, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। प्रशासन का प्रयास है कि राधारानी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और पूरा मेला क्षेत्र व्यवस्थित तरीके से संचालित हो।
बरसाना डाक बंगले में राधाष्टमी महोत्सव की तैयारियों को लेकर समन्वय गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत और अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉ. अमरेश कुमार ने की। बैठक में मंदिर परिसर से लेकर मेला क्षेत्र तक श्रद्धालुओं की आवाजाही, प्रवेश और निकासी, सुरक्षा व्यवस्था तथा भीड़ प्रबंधन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को समय से पूरा करने के निर्देश दिए।
राधारानी मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के प्रवेश की विशेष व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को श्रीजी गेट और लाडो गेट से मंदिर परिसर की ओर प्रवेश दिया जाएगा। दोनों ओर मौजूद छोटी और बड़ी सीढ़ियों का इस्तेमाल श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए किया जाएगा। प्रवेश व्यवस्था को इस तरह व्यवस्थित किया जाएगा कि एक स्थान पर अत्यधिक भीड़ एकत्रित न हो।
दर्शन के बाद श्रद्धालुओं की निकासी के लिए अलग व्यवस्था रहेगी। दर्शन करने के बाद श्रद्धालुओं को जयपुर मंदिर की ओर से एक दिशा में बाहर निकाला जाएगा। इससे मंदिर परिसर में आने और जाने वाली भीड़ आपस में नहीं टकराएगी और भीड़ का दबाव नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी।
राधाष्टमी के दौरान बरसाना में श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ने की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बॉक्स फॉर्मेशन के जरिए श्रद्धालुओं का मूवमेंट कराने की योजना बनाई है। इस व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को बैरिकेडिंग के बीच निर्धारित मार्ग से चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि इससे भीड़ के एक साथ आगे बढ़ने की स्थिति को रोका जा सकेगा। भीड़ बढ़ने पर पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर स्थिति के अनुसार श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करेंगे।
पूरे मेला क्षेत्र को अलग-अलग जोन और सेक्टर में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी। प्रत्येक जोन और सेक्टर में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती रहेगी। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ मंदिर और मेला क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं।
समन्वय बैठक के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने बरसाना मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण भी किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर श्रद्धालुओं के संभावित प्रवेश और निकासी मार्गों, भीड़ के दबाव वाले स्थानों और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि राधाष्टमी जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में व्यवस्थाओं को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए।
राधाष्टमी के दौरान बरसाना में देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम तरीके से राधारानी के दर्शन कराना होगी। प्रवेश-निकासी की अलग व्यवस्था, बॉक्स फॉर्मेशन, जोन-सेक्टर आधारित सुरक्षा और व्यापक पुलिस तैनाती के जरिए प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने की तैयारी की है।
बैठक में एसडीएम गोवर्धन सुशील कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी गोवर्धन अनिल कुमार सिंह, अधिशासी अधिकारी कल्पना बाजपेई, प्रभारी निरीक्षक अजीत सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।