

UP Potato Export To Bahrain: साल-दर-साल बंपर पैदावार करने के बाद कीमतों को लेकर हलकान होने वाले उत्तर प्रदेश के आलू किसानों के लिए जेवर एयरपोर्ट के जरिए विदेशों में निर्यात के अवसर खुल गए हैं. प्रदेश में उम्दा आलू की पैदावार वाले अलीगढ़ जिले से बहरीन को निर्यात से इसकी शुरूआत हो गयी है।
उत्तर प्रदेश के उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि अलीगढ़ सहित पश्चिम यूपी के 17 आलू उत्पाद जिलों के उत्पाद को विदेशी बाजार तक पहुंचाने के लिए जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से सुविधाएं दी जाएंगी। आगरा में चल रही आलू की बॉयर-सेलर्स मीट को संबोधित करते हुए उद्यान मंत्री ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट पर आलू निर्यात की प्रक्रिया को सुगम बनाने व सर्टिफिकेशन के लिए अलग भवन बनाया जाएगा। इसके किसानों व एफपीओ को निर्यात से जुड़ी प्रक्रियाओं के लिए दूसरे शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
हाल ही में अलीगढ़ से 12 कुंतल आलू बहरीन को भेजा गया था। हालांकि इसे पहले सड़क मार्ग से लखनऊ और वहां से हवाई जहाज से मुंबई की कनेक्टिंग उड़ान से बहरीन को भेजा गया।उद्यान मंत्री ने कहा कि अब जेवर एयरपोर्ट से सीधे आलू विदेश भेजा जाएगा। अलीगढ़ से जल्दी ही 30 जन आलू बहरीन को भेजा जाएगा।
यहां से फ्राई सोना व फ्राई होम किस्मों का आलू विदेशों को जाएगा। आगरा में चल रही बॉयर-सेलर्स मीट में जुटे कारोबारियों ने बताया की रूस के व्यापारियों ले लगातार बातचीत चल रही है और मंजूरी मिलते ही वहां भी निर्यात शुरू हो जाएगा।
आलू कारोबारियों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का आवागमन बंद होने के चलते निर्यात में दिक्कतें आ रही थीं पर जेवर से सुविधा शुरू हो जाने के बाद यह काम आसान हो जाएगा। पश्चिम में आलू की बड़ी मंडी से पलवल हाईवे व यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ा होने के चलते यहां से किसान आसानी से अपना आलू जेवर भेज सकेंगे।
उद्यान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में आलू की बंपर पैदावार के चलते कीमतों में गिरावट आयी थी। अब यहां से आलू देश के दूसरे राज्यों को भी भेजने की तैयारी है। आगरा मीट में ओडिशा में यूपी का आलू भेजने को लेकर बातचीत हुयी है। कुछ अन्य राज्यों के खरीदारों ने भी यूपी से आलू खरीदने में रुचि दिखायी है।
कीमतें दिगरने से परेशान किसानों को राहत देने के लिए योगी सरकार ने 1000 करोड़ रूपये से भामाशाह भावांतर कोष बनाया है। इसके तहत भाव गिरने की स्थिति में किसानों को 100 रूपये प्रति कुंतल की दर से सीधे उनके बैंक खातों में रकम भेजी जाएगी। इसके अलावा कोल्ड स्टोरों के किराए में राहत देने के लिए भी 100 करोड़ रूपये का कोष बनाया गया है।