

Accused In Lucknow Triple Murder Case: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज इलाके में सोमवार को मामूली विवाद ने ऐसा हिंसक रूप ले लिया कि एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई। नौबस्ता के ब्राह्मणी टोला में चबूतरे और गाड़ी खड़ी करने को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि मर्चेंट नेवी में नेविगेशन ऑफिसर के रूप में काम कर चुके ऋषभ शुक्ला ने पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस घटना में रिटायर्ड सचिवालय कर्मचारी शिवाजी तिवारी, उनके भाई शंभू तिवारी और शिवाजी के बेटे सुयश तिवारी की मौत हो गई। वारदात के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
इस सनसनीखेज वारदात में मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आए ऋषभ शुक्ला की उम्र करीब 30 वर्ष बताई जा रही है। वह लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता स्थित ब्राह्मणी टोला का रहने वाला है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ऋषभ शुक्ला मर्चेंट नेवी में नेविगेशन ऑफिसर के रूप में काम कर चुका है।
हालांकि, उसकी मौजूदा नौकरी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा के मुताबिक, प्रारंभिक जानकारी में आरोपी के मर्चेंट नेवी में काम करने की बात सामने आई है। यह भी बताया जा रहा है कि वह नौकरी छोड़ चुका था या उसे काम से हटाया गया था। इस संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत चबूतरे और वाहन खड़ा करने को लेकर हुए विवाद से हुई थी। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते बढ़ गई। विवाद के दौरान मारपीट की स्थिति बनी और इसके बाद गोलीबारी की घटना सामने आई।
आरोप है कि ऋषभ शुक्ला ने पिस्टल से अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई। हालांकि, विवाद की पूरी वजह, घटनाक्रम और गोलीबारी की परिस्थितियों का पता पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
गोलीबारी में जान गंवाने वालों की पहचान रिटायर्ड सचिवालय कर्मचारी शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र उर्फ शंभू तिवारी और शिवाजी के बेटे सुयश तिवारी के रूप में हुई है। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।
तीन लोगों की हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जानकारी ली। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से बातचीत कर उन्हें सांत्वना दी।
पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में लेने की जानकारी दी है। वहीं, मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
लखनऊ के सआदतगंज में हुई यह घटना बताती है कि स्थानीय विवाद किस तरह गंभीर हिंसा में बदल सकता है। जिस मामले की शुरुआत वाहन खड़ा करने और चबूतरे को लेकर हुई बताई जा रही है, उसमें एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई।
अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि आखिर विवाद किस तरह बढ़ा, गोलीबारी की नौबत कैसे आई और घटना के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
रिपोर्ट- ईशांक दीक्षित