उद्घाटन के बाद से ही चर्चा में है लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, अब नहीं लगेगा टोल जानें क्यों..?
Lucknow Expressway: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की खराब गुणवत्ता पर NHAI ने बड़ा फैसला लिया है। मरम्मत पूरी होने तक टोल वसूली बंद रहेगी। PNC Infratech पर कार्रवाई, अधिकारियों को हटाया गया है।
- Written By: स्निग्धा श्रीवास्तव
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (सोर्स- सोशल मीडिया)
Kanpur-Lucknow Expressway: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की खराब गुणवत्ता को लेकर उठे विवादों के बीच भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ा फैसला लिया है। NHAI ने सड़क की मरम्मत पूरी होने तक एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी गई है। बता दें कि इस दौरान यात्रियों से कोई टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। सबसे बड़ी बात तो यह है कि मरम्मत और टोल से होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई संबंधित निर्माण कंपनी से वसूली जाएगी।
बता दें कि एक्सप्रेसवे की खराब हालत का मामला सामने आने के बाद ही NHAI ने निर्माण एजेंसी, इंजीनियरों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। साथ ही सड़कों पर तकनीकी जांच भी कराई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि निर्माण के बाद सड़क इतनी जल्दी खराब क्यों हो जा रही है।
PNC Infratech को नॉन-परफॉर्मर घोषित करने की तैयारी
जानकारी के मुताबिक लापरवाही सामने आने पर निर्माण कंपनी PNC Infratech Ltd. को ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित करने का नोटिस जारी किया गया है। अगर यह कार्रवाई लागू होती है तो कंपनी भविष्य में NHAI के किसी भी नई टेंडर में हिस्सा नहीं ले सकेगी। इसके अलावा कंपनी पर परफॉर्मेंस सिक्योरिटी का दो प्रतिशत जुर्माना लगाने की भी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। साथ ही रोड क्वालिटी रेटिंग (Pavement Condition Index) घटाने की भी कार्रवाई की जा रही है।
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3 करोड़ रुपये खर्च कर कंपनी ही करेगी मरम्मत
बता दें कि NHAI ने स्पष्ट किया है कि एक्सप्रेसवे के क्षतिग्रस्त हिस्से के मरम्मत का पूरा खर्च निर्माण कंपनी को ही देना होगा। सड़क की मरम्मत में करीब 3 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है और इसका कोई वित्तीय बोझ NHAI पर नहीं पड़ेगा।
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इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है। निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, इंडिपेंडेंट इंजीनियर के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार व रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को तत्काल इस परियोजना से हटा दिया गया है। साथ ही इन तीनों पर अगले दो वर्षों तक MoRTH, NHAI और NHIDCL की किसी भी परियोजना में काम करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
इसके अलावा मौजूदा प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को उनके मूल विभाग में वापस भेजा गया है, जबकि पूर्व प्रोजेक्ट डायरेक्टर सौरभ चौरसिया और नकुल प्रकाश वर्मा के खिलाफ चार्जशीट जारी करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
मरम्मत पूरी होने तक नहीं लगेगा टोल
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी सड़क खराब होने के वास्तविक कारणों की जांच कर रहे है और इसके लिए हाई-टेक लेजर तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। जांच के लिए IIT खड़गपुर के प्रोफेसर के.एस. रेड्डी के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है, यह टीम विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट तैयार कर सुधार के लिए सुझाव देगी।
NHAI ने स्पष्ट किया है कि जब तक सड़क की मरम्मत पूरी नहीं हो जाती तब तक एक्सप्रेसवे पर किसी भी वाहन से टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर संतोषजनक स्थिति मिलने के बाद ही टोल वसूली दोबारा शुरू की जाएगी।
