2027 से पहले BJP का सियासी समीकरण; महिला और OBC वोट बैंक पर खास फोकस, स्मृति ईरानी समेत इन्हें मिली जिम्मेदारी

BJP National Team 2026: नितिन नबीन की नई भाजपा राष्ट्रीय टीम में यूपी से 8 नेताओं को जगह मिली है। रेखा वर्मा और स्मृति ईरानी को अहम जिम्मेदारी देकर BJP ने महिला और OBC वोट बैंक पर फोकस बढ़ाया।
BJP National Team: Nitin Nabin Gives Key Roles to UP Leaders, Focus on Women and OBC Voters
नितिन नबीन की नई टीम(सोर्स- सोशल मीडिया)
Updated on

Nitin Nabin New Team UP: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय टीम की आखिरकार घोषणा हो ही गयी। इस घोषित नयी टीम में भाजपा में दमदार महिला चेहरा रेखा वर्मा और स्मृति ईरानी को आगे कर भाजपा ने महिला वोट बैंक को लेकर अपनी सियासी मंशा को धार देने का काम किया है।

नई टीम इन्हें मिली जगह

यूपी मिशन 2027 से पहले भाजपा बड़े स्तर पर प्रयास करती दिख रही है। सत्ता में हैट्रिक जमाने के लिए पार्टी की ओर से तमाम समीकरणों को साधा जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से नितिन नवीन की नई टीम में संगीता यादव के अलावा अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के पूर्व वीसी तारिक मंसूर को उपाध्यक्ष बनाया गया है। तो कुंवर बासित अली राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष बनाए गए हैं। जबकि उत्तर प्रदेश के मध्य पूर्व से ब्राह्मण चेहरे हरीश द्विवेदी के साथ ही ओबीसी चेहरों में रेखा वर्मा व अमरपाल मौर्य का नाम शामिल है।

जबकि यूपी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके और अभी तक पार्टी के उपाध्यक्ष रहे मेरठ निवासी राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेयी को नितिन नवीन की टीम में जगह नहीं मिली है। साथ ही आगरा निवासी किसान मोर्चा के अध्यक्ष सांसद राजकुमार चाहर भी नवीन की टीम से आउट कर दिए गए हैं।

उत्तर प्रदेश से कुल 08 चेहरों को मिली जगह

नितिन नवीन की नई टीम में उत्तर प्रदेश से कुल 08 चेहरों को जगह मिली है। इनमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के लिए रेखा वर्मा और तारिक मंसूर का नाम शामिल है, तो राष्ट्रीय महामंत्री में स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी का नाम है। जबकि राष्ट्रीय मंत्री के लिए भोला सिंह, संगीता यादव और मोर्चा अध्यक्ष के रूप में ओबीसी मोर्चा से अमरपाल मौर्य तथा अल्पसंख्यक मोर्चा से कुंवर वासित अली को जिमेदारी मिली है।

रेखा वर्मा को मिला राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद

बीते दिनों कुर्मी बिरादरी के पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने समाजवादी पार्टी के पीडीए फार्मूले का तोड़ निकालने की कोशिश किया तो अब इसी वर्मा बिरादरी की महिला नेत्री रेखा वर्मा को अहमियत देकर वर्मा बिरादरी के साथ ही पिछड़ा वर्ग को संगठन से लेकर सरकार तक में प्रतिनिधित्व का संदेश देने की कोशिश किया है।

रेखा वर्मा भी पंकज चौधरी की ही तरह ओबीसी समुदाय से आती हैं। भाजपा की राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नियुक्ति में उत्तर प्रदेश को बड़ा स्थान मिला है। पार्टी ने उत्तराखंड की सह प्रभारी की भूमिका में रही रेखा वर्मा को उत्तर प्रदेश से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर तैनात किया है। साथ ही ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष के तौर पर अमरपाल मौर्य को जगह दी गयी है।

BJP National Team: Nitin Nabin Gives Key Roles to UP Leaders, Focus on Women and OBC Voters
BJP को शहजाद पूनावाला का बड़ा झटका! राष्ट्रीय प्रवक्ता समेत सभी पदों से दिया इस्तीफा, पार्टी को लेकर बड़ा बयान

महिलाओं को सीधे लाभान्वित करने की योजना

गौरतलब है कि यूपी में गैर यादव बिरादरी में सबसे मजबूत वोट बैंक कुर्मी समाज का है और महिला केन्द्रित योजनाओं का सियासी फायदा भारतीय जनता पार्टी को कई राज्यों के चुनाव परिणाम में मिल चुका है। हाल ही में यूपी की योगी सरकार द्वारा भी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सीधे लाभान्वित करने की योजना पर विचार करने की बात सामने आयी थी।

रेखा वर्मा, स्मृति ईरानी और संगीता यादव को मिली तरजीह

इस तरह संगठन में अहमियत देकर भाजपा महिला मतदाताओं को सीधे फायदा पहुंचा कर अपने चुनावी समीकरण साधने की कोशिश करेगी। ऐसे में जानकारों की मानें तो मिशन 2027 के नजरिये से बीजेपी ने इन्हीं महिला मतदाताओं को केंद्र में रखते हुए नितिन की नवीन टीम में रेखा वर्मा, स्मृति ईरानी, संगीता यादव को तरजीह दिया है।

ताकि अपनी योजनाओं को उत्तर प्रदेश की महिलाओं में आसानी से पहुंचा सके। फ़िलहाल उत्तर प्रदेश के कुल 13.40 करोड़ मतदाताओं में से 6.09 करोड़ महिला मतदाता हैं. ऐसे में भाजपा अपने इस एक फार्मूले से उत्तर प्रदेश में भी विजय का द्वार खोल सकती है.

कारण भी साफ़ है कि 2012 से पहले मतदान में महिलाओं का प्रतिशत पुरुषों के मुकाबले कम हुआ करता था. 2012 में 60.28 फीसदी महिलाओं के मुकाबले पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत 58.68 ही रहा था। जोकि 2017 में बढ़कर 63.38% महिलाओं का तो 59.21% पुरुषों का औसत रहा था। हांलांकि 2022 के चुनाव में महिला वोटरों का प्रतिशत 2017 के मुकाबले कुछ गिर कर 62.24% हो गया लेकिन तब भी इनका औसत पुरुषों के औसत 59.56% से आगे रहा।

Navbharat Live
navbharatlive.com