झांसी में नहीं दिखा चांद; महिलाओं ने वीडियो कॉल से किए दर्शन, डिजिटल सहारे खोला व्रत

Karwa Chauth 2026: करवाचौथ पर खराब मौसम और घने बादलों के कारण महिलाएं चंद्रमा के दर्शन नहीं कर सकीं। देर रात तक इंतजार के बाद कई महिलाओं ने वीडियो कॉल के जरिए चांद देखकर पूजा की और व्रत खोला।
Karwa Chauth 2026: Women in Jhansi Use Video Calls for Moon Sighting Amid Cloudy Weather
फोन में चांद देखती महिला(सोर्स- नवभारत लाइव)
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Highlights:

  • झांसी में बादलों ने रोका चांद का दीदार

  • महिलाओं ने वीडियो कॉल से किए चंद्रदेव के दर्शन

  • वीडियो कॉल कर खोला निर्जला व्रत

  • झांसी में खराब मौसम ने बढ़ाई महिलाओं की मुश्किले

Karwa Chauth Moon Sighting Jhansi: पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के साथ करवाचौथ का निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं को झांसी में चंद्रदेव के दर्शन नहीं हो सके। शाम से देर रात तक महिलाएं चांद निकलने का इंतजार करती रहीं, लेकिन खराब मौसम और घने बादलों ने चांद को ढके रखा, आखिरकार कई महिलाओं ने दूसरे शहरों में रहने वाले परिजनों को वीडियो कॉल कर चंद्रदेव के दर्शन किए और पूजा-अर्चना के बाद अपना व्रत खोला।

करवाचौथ का पर्व महिलाओं के लिए आस्था, विश्वास और प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। परंपरा के अनुसार, शाम को चंद्रमा के दर्शन करने और अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोला जाता है। लेकिन झांसी और आसपास के जिलों में मौसम ने महिलाओं की इस परंपरा के सामने मुश्किल खड़ी कर दी।

देर रात तक नही निकला चांद

शाम होते ही महिलाएं सज-संवरकर पूजा की तैयारियों में जुट गईं, पूजा की थाली सजाई गई और सभी को चांद निकलने का इंतजार था। शाम करीब सात बजे से ही महिलाएं आसमान की ओर टकटकी लगाए रहीं, कई बार घरों की छतों पर जाकर चांद देखने की कोशिश की गई, लेकिन घने बादलों के कारण चंद्रमा नजर नहीं आया, देर रात तक इंतजार के बावजूद जब चांद के दर्शन नहीं हुए तो महिलाओं ने तकनीक का सहारा लिया।

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झांसी की रहने वालीं कुसुम और मंजू ने बताया कि करवाचौथ का व्रत उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सुबह से निर्जला व्रत रखकर पति की लंबी उम्र और स्वस्थ जीवन की कामना की थी। शाम को चांद निकलने का बेसब्री से इंतजार किया, लेकिन मौसम खराब होने के कारण दर्शन नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने दूसरे शहर में रहने वाली अपनी बहन को वीडियो कॉल किया। मोबाइल स्क्रीन पर चंद्रदेव के दर्शन कर पूजा की और फिर अपने पतियों की पूजा-अर्चना के बाद व्रत खोला।

मोबाइल फोन का लिया सहारा

शहर में कई अन्य महिलाओं ने भी इसी तरह मोबाइल फोन का सहारा लिया, किसी ने दूसरे शहर में रहने वाले रिश्तेदारों से वीडियो कॉल की, तो किसी ने चांद के दर्शन कराने वाले परिचितों की मदद ली।

मौसम की बेरुखी के बावजूद महिलाओं की आस्था कम नहीं हुई। आसमान में चांद भले ही बादलों के पीछे छिपा रहा, लेकिन डिजिटल तकनीक ने परंपरा निभाने में उनकी मदद की। इस तरह झांसी में करवाचौथ पर चांद के दीदार के लिए इंतजार और आस्था के साथ तकनीक का अनोखा मेल देखने को मिला।

रिपोर्ट- आकाश साहू