Special: उज्जैन का अनोखा मंदिर, करवा चौथ पर ही खुलते हैं कपाट, चौथ माता के दर्शन को उमड़ीं हजारों महिलाएं

Ujjain Karwa Chauth Temple : उज्जैन के जीवनखेड़ी स्थित चौथ माता मंदिर के कपाट करवा चौथ पर ही खुलते हैं। पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की कामना लेकर हजारों महिलाएं दर्शन को पहुंचीं।
Women devotees gather at Chauth Mata Temple
उज्जैन का चौथ माता मंदिरफोटो सोर्स- नवभारत
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Highlights:

  • उज्जैन के जीवनखेड़ी स्थित चौथ माता मंदिर के कपाट करवा चौथ पर ही खुलते हैं।

  • पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की कामना लेकर पहुंचीं हजारों महिलाएं।

  • मंदिर में माता का विशेष श्रृंगार किया गया, सुबह से लगीं दर्शन के लिए कतारें।

  • माता को अर्पित की जाएगी दुबई से लाई गई करीब 400 फीट लंबी चुनरी।

  • करीब 26 साल पहले स्थापित मंदिर में हर साल करवा चौथ पर विशेष आयोजन होता है।

Ujjain Chauth Mata Temple : उज्जैन के जीवनखेड़ी स्थित प्राचीन चौथ माता मंदिर में करवा चौथ के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस मंदिर की खासियत है कि इसके कपाट साल में केवल एक बार, करवा चौथ के दिन खोले जाते हैं। पति की लंबी उम्र, सुखी वैवाहिक जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना लेकर हजारों महिलाएं माता के दर्शन करने पहुंचीं।

करवा चौथ पर मंदिर में माता का विशेष श्रृंगार किया गया। सुबह से ही महिलाओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया और दर्शन के लिए कतारें लग गईं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंदिर में सिंदूर, सिक्के और नेपाल के रुद्राक्ष को प्रसाद के रूप में प्राप्त करना शुभ माना जाता है।

मंदिर में विराजमान हैं कई देवी-देवताओं की प्रतिमाएं

चौथ माता मंदिर में माता चौथ के साथ माता पार्वती, रिद्धि-सिद्धि, शुभ-लाभ और संतोषी माता की प्रतिमाएं भी विराजमान हैं। करवा चौथ पर यहां पूजा-अर्चना करने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचती हैं। श्रद्धालुओं के लिए यह मंदिर आस्था और वैवाहिक सुख की कामना का विशेष केंद्र बना हुआ है।

माता को अर्पित की जाएगी 400 फीट लंबी चुनरी

मंदिर संस्थापक डॉ. कैलाश नागवंशी के अनुसार, करवा चौथ पर दोपहर 12 बजे भगवान मनु-शतरूपा की प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम रखा गया। वहीं, शाम 4 बजे दुबई से लाई गई लगभग 400 फीट लंबी चुनरी माता को अर्पित करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया। इसके अलावा शाम 7 बजे क्षिप्रा तट पर विशेष आरती का आयोजन भी रखा गया।

मनोकामना पूरी होने की मान्यता

करवा चौथ पर मंदिर पहुंचीं महिलाओं ने चौथ माता के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। कुछ श्रद्धालुओं ने बताया कि वे कई वर्षों से करवा चौथ पर यहां दर्शन करने आती हैं। एक महिला ने अपने बेटे के विवाह से जुड़ी मनोकामना पूरी होने का अनुभव साझा किया। मान्यता है कि माता के दरबार में पूजा-अर्चना करने से सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन की मंगलकामनाओं की पूर्ति होती है।

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26 साल पहले हुई थी मंदिर की स्थापना

बताया जाता है कि जीवनखेड़ी स्थित इस मंदिर की स्थापना करीब 26 वर्ष पहले हुई थी। तभी से करवा चौथ पर विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन की परंपरा जारी है। साल में केवल एक दिन कपाट खुलने के कारण मंदिर का विशेष महत्व है। करवा चौथ पर यहां उमड़ने वाली महिलाओं की भीड़ चौथ माता के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को दर्शाती है।