

Kanpur Husband Murder Case: कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र के रहने वाले एक युवक का शव शिकोहाबाद में रेलवे ट्रैक पर मिला था। जिसके बाद मृतक के पिता ने मृतक की पत्नी और उसके सिपाही प्रेमी पर अपहरण कर हत्या करने का आरोप लगाते हुए और इस साजिश में कई अन्य लोगों के शामिल होने की बात कहकर पुलिस से मुकदमा दर्ज करने के लिए न्याय की गुहार लगाई थी। पुलिस ने नहीं सुनी तो पीड़ित पिता ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने सभी आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश किया है।
दरअसल, बिठूर के लोधर गांव निवासी राहुल कुमार सक्सेना का शव 4 दिसंबर 2025 को शिकोहाबाद में रेलवे ट्रैक पर मिला था। मृतक राहुल कुमार सक्सेना के पिता विनोद कुमार सक्सेना ने बेटे के हत्या की आशंका जताते हुए यूपी पुलिस में सिपाही राहुल कुमार, अपनी बहू नेहा देवी, संदीप श्रीवास्तव, शिवानंद, सीता, सूरज, चेतन और 5 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए न्याय की गुहार लगाई थी।
मृतक के पिता का आरोप था कि मृतक की पत्नी जबरन मृतक राहुल कुमार से एक प्लॉट की रजिस्ट्री अपने नाम पर करवाना चाहती थी। राहुल ने मना कर दिया था, जिसकी खुन्नस में पत्नी और उसके सिपाही प्रेमी राहुल कुमार के साथ मिलकर पहले अपने पति राहुल कुमार सक्सेना का पहले अपहरण करवाया और फिर अपने पति की हत्या करा दी। पीड़ित पिता का आरोप था कि सिपाही राहुल कुमार ही उनके बेटे राहुल कुमार सक्सेना को पनकी धाम रेलवे स्टेशन लेकर गया और इसके बाद श्रमशक्ति एक्सप्रेस से अपहरण कर ले जा रहा था और रास्ते में शिकोहाबाद क्षेत्र में चलती ट्रेन से फेंक कर राहुल कुमार सक्सेना की हत्या कर दी गई थी।
हत्या के बाद से उन्होंने मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाना बिठूर, एसीपी कल्याणपुर और पुलिस आयुक्त को प्रार्थना पत्र दिए लेकिन किसी ने भी सुनवाई कर मुकदमा दर्ज करने का आदेश नहीं किया। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार शुक्ला की कोर्ट ने मामले में सुनवाई कर सबसे पहले प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश किया और थाना बिठूर पुलिस से जांच आख्या मंगाई। पुलिस द्वारा प्रेषित की गई रिपोर्ट और प्रार्थना पत्र के अवलोकन के बाद न्यायालय ने सभी आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत करने का आदेश जारी कर दिया।
बिठूर थाना प्रभारी अशोक कुमार सरोज ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रकरण 2025 का है तब वह बिठूर में थाना प्रभारी नहीं थे। इसके बाद मार्च 2026 में मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन हो गया था। न्यायालय से मांगी गई आख्या पर जांच आख्या न्यायालय में प्रेषित की गई थी। न्यायालय से मुकदमा दर्ज करने का आदेश प्राप्त हुआ है, मुकदमा दर्ज किया जा रहा है आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।