

Highlights:
कानपुर पुलिस की 10 अपराधियों पर कार्रवाई
इनके खिलाफ दर्ज थे 6 मुकदमे
उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई
अपर पुलिस आयुक्त की अपराधियों को चेतावनी
Kanpur Criminals Eternment: कानपुर कमिश्नरेट पुलिस अपराधियों की कमर तोड़ने में लग गई है। लगातार अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था ने 10 शातिर अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए जिलाबदर कर दिया है।
अपर पुलिस आयुक्त डॉ विपिन टाडा ने कानपुर के 10 शातिर अपराधियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए और उनके अपराधिक कृत्यों पर अंकुश लगाने के लिए जिलाबदर कर दिया है। अपर पुलिस आयुक्त ने जानकारी दी कि महाराजपुर थाना क्षेत्र के सत्यम शुक्ल उर्फ बुद्धि को 6 महीने के लिए जिला बदर किया गया है, इसके विरुद्ध 6 मुकदमे दर्ज थे।
चकेरी थाना क्षेत्र के सागर शर्मा को 3 महीने के लिए जिलाबदर किया गया है, इसके विरुद्ध पांच मुकदमे दर्ज थे। गुजैनी थाना क्षेत्र के सचिन सागर उर्फ शाका को 6 महीने के लिए जिलाबदर किया गया है, इसके विरुद्ध चार मुकदमे दश थे। रेऊना थाना क्षेत्र के विकास कुमार उर्फ जुग्गी को 6 महीने के लिए जिलाबदर किया गया है, इसके विरुद्ध चार मुकदमे दर्ज थे।
बिधनू थाना क्षेत्र के उदय कुमार यादव को 6 महीने के लिए जिलाबदर किया गया है, इसके विरुद्ध तीन मुकदमे दर्ज थे। गोविंद नगर थाना क्षेत्र के जतिन कहार उर्फ बिल्ली को 6 महीने के लिए जिलाबदर किया गया है, इसके विरुद्ध चार मुकदमे दर्ज थे।
बाबूपुरवा के साहिल उर्फ पुच्ची को 6 महीने के लिए जिलाबदर किया गया है, इसके विरुद्ध चार मुकदमे दर्ज थे। महाराजपुर के गोपाल सिंह उर्फ गोलू ठाकुर को 6 महीने के लिए जिलाबदर किया गया है, इसके विरुद्ध चार मुकदमे दर्ज थे। बाबूपुरवा के मोहम्मद हमजा को 6 महीने के लिए जिलाबदर किया गया है। इसके विरुद्ध छह मुकदमे दर्ज थे, वहीं जूही के सोनू गुप्ता को एक बार फिर से 3 महीने के लिए जिलाबदर कर दिया गया। सोनू गुप्ता को पूर्व में भी जिलाबदर किया जा चुका है।
अपर पुलिस आयुक्त डॉ विपिन टाडा ने बताया की इसी तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। सभी जोन के डीसीपी को सक्रिय अपराधियों की जानकारी जुटाने के लिए कहा गया है। जिसके बाद सभी जोन के सभी थाना प्रभारी को उनके पुलिस उपायुक्त के द्वारा सक्रिय अपराधियों की सूची तैयार करने के लिए कहा गया है, जिसके बाद सभी सक्रिय अपराधियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश गुंडा निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए जिलाबदर की कार्रवाई की जाएगी इस कार्रवाई से अपराधियों को संदेश देने की कोशिश की गई है कि अपराध किया तो शहर में नहीं रहेगा ठिकाना।