90 घंटे बाद रईसजादा शिवम मिश्रा गिरफ्तार, कानपुर लैंबोर्गिनी केस में पुलिस का बड़ा एक्शन

Shivam Mishra Arrested: कानपुर लैंबोर्गिनी केस में पुलिस ने मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। CCTV फुटेज ने संकेत दिया था कि हादसे के समय कार शिवम ही चला रहा था।
Shivam Mishra arrested in Kanpur Lamborghini case
शिवम मिश्रा गिरफ्तार (Image- Social Media)
Updated on

Kanpur Lamborghini Case: कानपुर में हाई‑प्रोफाइल लैंबोर्गिनी मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। उसे आज सुबह 10 बजे अदालत में पेश किया जाएगा। यह वही मामला है जिसमें 8 फरवरी को करोड़ों की कीमत वाली लैंबॉर्गिनी VIP रोड पर अनियंत्रित होकर कई लोगों को टक्कर मार गई थी।

शुरुआती जांच और CCTV फुटेज से संकेत मिला था कि दुर्घटना के समय कार शिवम मिश्रा चला रहा था। हालांकि शुरुआती दौर में परिवार और बचाव पक्ष का दावा था कि कार चालक मोहन था, जिसने अदालत में भी यही बयान दिया था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने भी कहा था कि कार अत्यधिक तेज़ी से चल रही थी और चालक नियंत्रण खो बैठा।

पुलिस ने CCTV जांच के बाद लिया एक्शन

पुलिस ने घटना स्थल की मैपिंग, डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और गाड़ी में मिले फॉरेंसिक संकेतों की जांच के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि दुर्घटना के समय ड्राइविंग सीट पर शिवम मिश्रा ही मौजूद था। CCTV फुटेज में भी दुर्घटना के बाद कार से बाहर निकलता व्यक्ति शिवम जैसा दिखाई देता है। अब अदालत में पेशी के दौरान पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग कर सकती है, ताकि हादसे से जुड़े और पहलुओं की जांच की जा सके, जैसे कि हादसे से पहले क्या हुआ, कार किसके निर्देश पर चलाई गई और ड्राइवर मोहन के बयान में विरोधाभास क्यों हैं।

क्या है पूरा मामला?

कानपुर लैंबॉर्गिनी एक्सीडेंट केस एक जाने-माने बिजनेसमैन से जुड़े होने की वजह से चर्चा में आ गया है। लोगों का आरोप है कि पुलिस ने इस केस को शुरू में लापरवाही से हैंडल किया। एक्सीडेंट का वीडियो फुटेज मिलने के बावजूद, पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। सवाल और आलोचना के बाद सीनियर अधिकारियों ने आरोपीपुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की।

कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा ड्राइवर मोहन

दूसरी तरफ बचाव पक्ष का तर्क है कि शिवम मिश्रा कार नहीं चला रहा था। तंबाकू बिजनेसमैन के ड्राइवर मोहन ने एक हलफनामा जमा किया, जिसमें कहा गया था कि घटना के समय वह गाड़ी चला रहा था। उसे पता चला कि केस दर्ज हो गया है और इसलिए वह सरेंडर करना चाहता था। पुलिस ने बताया कि कार शिवम ही चला रहा था और ड्राइवर मोहन वांटेज नहीं है। जिसके बाद कोर्ट ने उसका सरेंडर ठुकरा दिया और पुलिस से डीटेल्ड रिपोर्ट मांगी है।

Navbharat Live
navbharatlive.com