

पुलिस ने कोतवाली और कलेक्ट्रेट के CCTV फुटेज किए सार्वजनिक
अधिवक्ता रोमेश अग्रवाल SHO कार्यालय में 26 सेकंड रहे
30 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान पुलिस से धक्का-मुक्की का आरोप
Jhansi Lawyer-Police Dispute: झांसी में अधिवक्ताओं और पुलिस के बीच चल रहे आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामला नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है, SP सिटी प्रीति सिंह ने पुलिस की जांच के आधार पर दावा किया है कि अधिवक्ता रोमेश अग्रवाल द्वारा लगाए गए अभद्रता और गाली-गलौज के आरोप CCTV फुटेज में सही नहीं पाए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, 27 अक्टूबर को विनय कोटी की पत्नी ने अपने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। मामला पति-पत्नी के घरेलू विवाद से जुड़ा था। अगले दिन 28 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजकर 12 मिनट पर विनय कोटी अपने अधिवक्ता रोमेश अग्रवाल के साथ SHO कोतवाली के कार्यालय पहुंचे।
SP सिटी के मुताबिक, काउंसलिंग की प्रक्रिया को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित किए जाने की आशंका के चलते SHO ने अधिवक्ता को कार्यालय से बाहर जाने के लिए कहा। CCTV के अनुसार अधिवक्ता कार्यालय में केवल 26 सेकंड तक रहे। पुलिस का दावा है कि इस दौरान SHO की ओर से न तो अभद्रता की गई और न ही किसी प्रकार की गाली-गलौज।
वहीं इसी प्रकरण और अन्य मुद्दों को लेकर 30 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट परिसर में अधिवक्ताओं के प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की, मारपीट, गाली-गलौज और मोबाइल फोन छीने जाने की घटना सामने आई थी। इस मामले में थाना नवाबाद में FIR दर्ज की गई है, जिसमें चार अधिवक्ताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जा चुकी है।
झांसी पुलिस का कहना है कि कलेक्ट्रेट परिसर के CCTV फुटेज में FIR में दर्ज घटनाक्रम की पुष्टि होती दिखाई दे रही है। SP सिटी प्रीति सिंह ने कहा कि दोनों CCTV फुटेज के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है और दर्ज मुकदमे में जल्द वैधानिक कार्रवाई पूरी की जाएगी।
हालांकि, पुलिस ने यह भी आशंका जताई है कि जनपद के विभिन्न थानों में अधिवक्ताओं से जुड़े कुछ विवेचनाधीन मामलों में दबाव बनाने की मंशा से यह घटनाक्रम किया गया हो सकता है। पुलिस ने साफ कहा है कि अंतिम कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।