नोएडा अथॉरिटी को मिला नया 'बॉस': IAS कृष्णा करुणेश बने नए CEO, इंजीनियर की मौत के बाद बड़ा एक्शन

Krishna Karunesh Noida CEO: नोएडा प्राधिकरण में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए आईएएस कृष्णा करुणेश को नया सीईओ नियुक्त किया गया है। इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद लोकेश एम का तबादला कर दिया गया।
Krishna Karunesh Noida CEO
IAS कृष्णा करुणेश, फोटो- सोशल मीडिया
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Noida Authority New CEO: उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा प्राधिकरण में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की है। 2011 बैच के तेज-तर्रार आईएएस अधिकारी कृष्णा करुणेश को नोएडा का नया मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) बनाया गया है। यह फैसला सेक्टर-150 में इंजीनियर की मौत के बाद उपजे विवाद और सिस्टम की लापरवाही के आरोपों के बीच लिया गया है।

नोएडा प्राधिकरण में शनिवार को एक बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब शासन ने वर्तमान सीईओ डॉ. लोकेश एम का तबादला कर उनकी जगह आईएएस कृष्णा करुणेश को जिम्मेदारी सौंप दी। कृष्णा करुणेश इससे पहले नोएडा प्राधिकरण में ही अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) के पद पर तैनात थे, जिसके कारण उन्हें शहर की प्रशासनिक कार्यप्रणाली का गहरा अनुभव है। लोकेश एम का तबादला ऐसे समय में हुआ है जब प्राधिकरण पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के गंभीर आरोप लग रहे थे।

इंजीनियर युवराज मेहता केस और तबादले की असली वजह

नोएडा प्राधिकरण में इस बड़े उलटफेर के पीछे सबसे प्रमुख कारण सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज मेहता की संदिग्ध मौत का मामला माना जा रहा है। इस घटना के बाद प्राधिकरण की कार्यशैली और अधिकारियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठे थे। मृतक के परिजनों और नागरिक समाज ने सिस्टम की लापरवाही को लेकर कड़ा विरोध जताया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इस प्रकरण का संज्ञान लिया और जांच के लिए एक एसआईटी (SIT) का गठन किया था। माना जा रहा है कि इसी जांच की आंच और प्रशासनिक शिथिलता के कारण शीर्ष स्तर पर यह बदलाव किया गया है।

कौन हैं आईएएस कृष्णा करुणेश?

नोएडा के नए सीईओ कृष्णा करुणेश 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और वे मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। उनकी शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने एमए (MA) के साथ-साथ एलएलबी (LLB) की डिग्री भी हासिल की है। उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में उनकी गिनती एक बेहद सख्त और नियम-कायदों पर चलने वाले 'तेज-तर्रार' अधिकारी के रूप में की जाती है। उनकी कानून की समझ और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें नोएडा जैसी महत्वपूर्ण पोस्टिंग दी गई है।

गोरखपुर से नोएडा तक: प्रशासनिक सख्ती की पहचान

कृष्णा करुणेश का अब तक का करियर उपलब्धियों भरा रहा है। नोएडा सीईओ बनने से पहले वे गोरखपुर के जिलाधिकारी (DM) के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। गोरखपुर में डीएम रहते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और विकास कार्यों को गति देने के लिए अपनी एक अलग पहचान बनाई थी।

इसके अलावा, उनके पास यूपी के विभिन्न जिलों में काम करने का व्यापक अनुभव है:

• वे गाजियाबाद जिले में एसडीएम और सीडीओ (CDO) के पद पर रह चुके हैं। • हापुड़ और बलरामपुर जिलों में वे जिलाधिकारी (DM) की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। • कुशीनगर में उन्होंने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य किया था।

चुनौतियां और नई जिम्मेदारी: क्या बदलेगी नोएडा की सूरत?

नोएडा प्राधिकरण के नए सीईओ के रूप में कृष्णा करुणेश के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्राधिकरण की छवि को सुधारना और अटके हुए प्रोजेक्ट्स को रफ्तार देना होगा। इंजीनियर की मौत के बाद जनता का जो विश्वास सिस्टम से उठा है, उसे बहाल करना उनकी पहली प्राथमिकता हो सकती है। इसके अलावा, बिल्डर-बायर विवाद, शहर की साफ-सफाई और बुनियादी ढांचे का विकास ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर उन्हें तुरंत ध्यान देना होगा। चूंकि वे पहले भी नोएडा में एसीईओ रह चुके हैं, इसलिए उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे बिना समय गंवाए फाइलों के अंबार को निपटाएंगे और विकास कार्यों को पारदर्शी बनाएंगे

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