गोरखपुर में ही होगा फेरी का निर्माण
पर्यटकों के लिए बनेंगी दो आधुनिक जेटी
वेटिंग एरिया, टिकट काउंटर और फूड जोन जैसी सुविधाएं भी होंगी उपलब्ध
Ramgarh Tal Catamaran Ferry: गोरखपुर के प्रमुख पर्यटन केंद्र रामगढ़ताल की खूबसूरती में जल्द ही एक नया आकर्षण जुड़ने जा रहा है। यहां पर्यटकों को जल पर्यटन का आधुनिक अनुभव देने के लिए 50 यात्रियों की क्षमता वाली वातानुकूलित कैटामरैन फेरी तैयार की जाएगी। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने इसके निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी मेगावर्स एसोसिएट्स को सौंपी है। इस परियोजना का नेतृत्व कंपनी के प्रबंध निदेशक अक्षय आनंद और मनीष पांडेय करेंगे।
प्रस्तावित फेरी आधुनिक डिजाइन और पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर तैयार की जाएगी। इसमें एक साथ 50 लोग सफर कर सकेंगे। पूरी तरह वातानुकूलित इस फेरी में यात्रियों के लिए फूड एवं बेवरेजेज की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इससे रामगढ़ताल घूमने आने वाले लोगों को नौकायन के साथ खानपान का भी अनुभव मिलेगा।
परियोजना की खास बात यह है कि फेरी का निर्माण गोरखपुर में ही किया जाएगा। इसके लिए नेवल आर्किटेक्ट, तकनीकी विशेषज्ञों और अनुभवी फैब्रिकेटर की टीम काम करेगी। मेगावर्स एसोसिएट्स इससे पहले जल पर्यटन और वाटर बॉडीज से जुड़ी परियोजनाओं में काम कर चुकी है। कंपनी की ओर से गोरखपुर और अयोध्या में भी वेसल निर्माण से संबंधित कार्य किए गए हैं। इसी अनुभव का लाभ रामगढ़ताल परियोजना में लिया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर निर्माण होने से तकनीकी विशेषज्ञों और कुशल श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही शहर में मरीन और वेसल निर्माण से जुड़ी तकनीकी दक्षता विकसित करने में मदद मिलेगी।
फेरी के संचालन को व्यवस्थित बनाने के लिए रामगढ़ताल में दो आधुनिक जेटी का निर्माण भी किया जाएगा। इन जेटियों पर पर्यटकों के लिए वेटिंग एरिया, टिकट काउंटर, किचन, फूड प्रिपरेशन एरिया और शौचालय जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे पर्यटकों को फेरी में सवार होने से लेकर यात्रा के दौरान और उसके बाद तक बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
परियोजना में पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। फेरी और जेटी के संचालन के दौरान निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए जीरो वेस्ट डिस्पोजल पॉलिसी अपनाई जाएगी। इसके तहत किसी भी तरह का ठोस या अन्य अपशिष्ट सीधे रामगढ़ताल में नहीं डाला जाएगा। कचरे का संग्रहण, पृथक्करण और अधिकृत माध्यम से निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
दरअसल, रामगढ़ताल गोरखपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां पहले से मौजूद पर्यटन और मनोरंजन की सुविधाओं के बीच आधुनिक कैटामरैन फेरी शुरू होने से जल पर्यटन को नया विकल्प मिलेगा। इस परियोजना से न केवल रामगढ़ताल का आकर्षण बढ़ाने की तैयारी है, बल्कि स्थानीय रोजगार, आतिथ्य सेवाओं और पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।