

495 करोड़ रुपये से बदली 17 वार्डों की जल निकासी व्यवस्था
794 करोड़ की नई सीवरेज परियोजना का भी शिलान्यास
मुख्यमंत्री बोले- अब गोरखपुर में सुरक्षा, स्वच्छता और विकास का माहौल
Goddhoiya Nala First Phase: कभी जलभराव और अव्यवस्थित जल निकासी के लिए पहचाने जाने वाले गोरखपुर के उत्तरी हिस्से को अब इससे राहत मिलने की उम्मीद जगी है। शहर की वर्षों पुरानी समस्या के समाधान की दिशा में रविवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगभग 495 करोड़ रुपये की लागत से तैयार गोड़धोइया नाला परियोजना के प्रथम चरण का लोकार्पण किया। इसके साथ ही गोरखपुर की सीवरेज व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए लगभग 794 करोड़ रुपये की नई परियोजना का शिलान्यास भी किया गया। इन दोनों परियोजनाओं के जरिए शहर की बड़ी आबादी को जलभराव, गंदगी और जल निकासी की समस्या से राहत पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
गोड़धोइया नाला लंबे समय से महानगर के उत्तरी क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। बारिश के मौसम में कई इलाकों में जलभराव और गंदे पानी की निकासी की समस्या स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ाती थी। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सरकार ने नाले को आधुनिक आरसीसी संरचना के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की। पहले चरण में करीब 500 करोड़ रुपये खर्च कर 7.75 किलोमीटर लंबे आरसीसी नाले का निर्माण कराया गया है। इसके साथ 17.5 किलोमीटर लंबी इंटरसेप्टिंग ट्रंक सीवर लाइन, 38 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, 61 एमएलडी क्षमता का मुख्य पंपिंग स्टेशन और 14 ब्रिज एवं कल्वर्ट का निर्माण भी पूरा किया गया है। इस व्यवस्था से 17 वार्डों में जल निकासी के साथ सीवेज प्रबंधन को भी बेहतर बनाने का प्रयास किया गया है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के 17 कैचमेंट एरिया में सीवरेज व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए करीब 794 करोड़ रुपये की परियोजना का शिलान्यास किया। इसके तहत 342 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाई जाएगी। लगभग 45 हजार घरों को सीवर कनेक्शन से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा 27 एमएलडी और 37.5 एमएलडी क्षमता के दो इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इस पूरी योजना से लगभग ढाई से तीन लाख की आबादी को लाभ मिलने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में गोरखपुर में हो रहे बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि अब बाहर के लोग भी यहां नौकरी और रोजगार के लिए आ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'बाहर के लोग भी गोरखपुर में नौकरी एवं रोजगार के लिए आ रहे हैं, क्योंकि अब यहां सुरक्षा है, स्वच्छता है और विकास है।'
मुख्यमंत्री के संबोधन का संदेश शहर में बदलते बुनियादी ढांचे और निवेश के माहौल से भी जुड़ा रहा। बेहतर सड़क, जल निकासी, सीवरेज और स्वच्छता जैसी सुविधाएं किसी भी शहर की आर्थिक गतिविधियों को गति देने में अहम भूमिका निभाती हैं।
गोड़धोइया नाला परियोजना का लोकार्पण केवल एक नाले के निर्माण का पूरा होना नहीं है, बल्कि गोरखपुर की शहरी समस्याओं के समाधान के लिए बुनियादी ढांचे में किए जा रहे बदलाव का हिस्सा है। अब इन परियोजनाओं की असली सफलता इस बात से तय होगी कि बारिश के मौसम में प्रभावित मोहल्लों को कितनी राहत मिलती है और सीवरेज व्यवस्था का लाभ कितनी प्रभावी तरीके से आम नागरिकों तक पहुंचता है।