पुलिस के साथ आरोपी चेतन, फोटो- सोशल मीडिया
Ghaziabad 3 Sisters Suicide: गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में तीन सगी बहनों- निशिका, प्राची और पाखी की सामूहिक आत्महत्या ने पूरे देश को दहला दिया है। पुलिस जांच में पिता चेतन के चरित्र की ऐसी परतें खुली हैं, जिसमें तीन शादियां, एक पार्टनर की संदिग्ध मौत और घर के भीतर का तनाव मुख्य वजह बनकर उभरा है।
पुलिस की पूछताछ में यह सनसनीखेज सच सामने आया है कि बच्चियों का पिता चेतन एक साथ तीन पत्नियों के साथ रह रहा था। उसकी पहली पत्नी सुजाता है। जब सुजाता से कोई संतान नहीं हुई, तो उसने सुजाता की मर्जी से अपनी सगी साली हिना से दूसरी शादी कर ली। इन दो बीवियों से उसकी तीन बेटियां (निशिका, प्राची, पाखी) और एक दिव्यांग बेटा था।
इतना ही नहीं, चेतन का संबंध सीलमपुर की रहने वाली टीना से भी हो गया। टीना ने पुलिस को बताया कि चेतन ने खुद को कुंवारा बताकर उससे संबंध बनाए थे। जब टीना गर्भवती हो गई, तो चेतन ने उससे कोर्ट मैरिज कर ली। पिछले कुछ महीनों से ये तीनों पत्नियां और बच्चे एक ही घर में या अलग-अलग फ्लैटों में चेतन के साथ रह रहे थे, जिससे घर का माहौल अक्सर तनावपूर्ण रहता था।
3 फरवरी की वह काली रात, जब तीनों बहनों ने 9वीं मंजिल से छलांग लगाई, उस वक्त घर के भीतर का नजारा बेहद पेचीदा था। चेतन ने खुद कबूल किया कि वह अपनी तीसरी पत्नी टीना और अपनी 3 साल की छोटी बेटी के साथ एक अलग कमरे में सो रहा था।
वहीं, दूसरी ओर पहली पत्नी सुजाता और दूसरी पत्नी हिना बगल के कमरे में तीनों बेटियों और 7 साल के बेटे के साथ जमीन पर गद्दे बिछाकर सो रही थीं। रात करीब 2 बजे बच्चियां उठीं, अपनी मां सुजाता के गाल चूमे और ‘आई लव यू’ कहा। सुजाता को लगा कि यह बच्चों का प्यार है, लेकिन उसे क्या पता था कि यह आखिरी विदाई है। बच्चियां दूसरे कमरे में गईं, दरवाजा अंदर से लॉक किया और बालकनी से मौत की छलांग लगा दी।
चेतन ने पुलिस को बताया कि घटना वाली शाम उसने बड़ी बेटी निशिका को मोबाइल चलाने पर बुरी तरह डांटा था। उसने गुस्से में यहां तक कह दिया था कि “अगर इस घर में रहना है तो मोबाइल नहीं चलेगा। मैं तुम्हारी पढ़ाई छुड़वा चुका हूं और अब जल्द ही तुम्हारी शादी कर दूंगा।” माना जा रहा है कि पिता की इस पाबंदी और छोटी उम्र में शादी के डर ने बच्चियों को अंदर से तोड़ दिया था।
चेतन की जिंदगी केवल तीन शादियों तक सीमित नहीं थी। पुलिस जांच में एक चौथी महिला तब्बू का जिक्र भी आया है, जिससे चेतन के अवैध संबंध थे। साल 2018 में तब्बू की भी तीसरी मंजिल से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। हालांकि, चेतन का दावा है कि उस समय उसे क्लीन चिट मिल गई थी।
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इसके अलावा, पुलिस चेतन की साली (अंशिका) की मौत की भी दोबारा जांच कर रही है, जिसकी 6 साल पहले साहिबाबाद में गिरने से मौत हुई थी। एक ही परिवार से जुड़ी महिलाओं और बच्चियों का बार-बार ‘ऊंचाई से गिरकर मरना’ पुलिस के लिए एक बड़ी गुत्थी बन गया है।
गाजियाबाद पुलिस को मौके से एक पॉकेट डायरी मिली है, जिसके 8 पन्नों पर बच्चियों ने अपनी शिकायतें लिखी हैं। कमरे की दीवारों पर पेंसिल से ‘मेरा दिल टूट गया है’ और ‘मैं बहुत अकेली हूं’ जैसे दर्दनाक वाक्य लिखे थे, जिन्हें बाद में मिटाया या काटा गया था। पुलिस अब हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की मदद ले रही है ताकि यह पता चल सके कि यह दर्द किस बहन ने बयां किया था।