पहले आने से कतराते थे लोग, अब बनी आस्था का केंद्र; 5 साल में कितनी बदली अयोध्या
दिव्य अयोध्या की परिकल्पना तेजी से आकार ले रही है और इसकी शुरुआत नौ नवंबर 2019 में राम मंदिर के हक में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद हुई थी। आज यानी शनिवार को राम मंदिर के फैसले की पांचवीं वर्षगांठ है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
पहले आने से कतराते थे लोग, अब बनी आस्था का केंद्र; 5 साल में कितनी बदली अयोध्या
अयोध्या: टेंट से भव्य राममंदिर में विराजे रामलला के दर्शन के लिए देश-दुनिया उमड़ रही है। जिस अयोध्या में लोग पहले आने से कतराते थे, वही अयोध्या में रोज लगभग 1 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। दिव्य अयोध्या की परिकल्पना तेजी से आकार ले रही है और इसकी शुरुआत नौ नवंबर 2019 में राम मंदिर के हक में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद हुई थी। आज यानी शनिवार को राम मंदिर के फैसले की पांचवीं वर्षगांठ है।
आस्था का केंद्र बनी अयोध्या
इन पांच सालों में रामलला टेंट से निकलकर भव्य मंदिर में विराजमान हो गए हैं तो वहीं अयोध्या भी वैश्विक आस्था का केंद्र बन चुकी है। राममंदिर निर्माण से अयोध्या संपन्नता का केंद्र बन रही है। जिस अयोध्या में विवाद के कारण लोग आने से डरते थे आज रामलला के दर्शन को हर कोई आना चाहता है। पहले पर्व, त्यौहारों पर सुरक्षा कर्मियों के बूटों की धमक होती थी, अब यहां मंगल गीत गूंजते हैं।
5 साल में कितनी बदली अयोध्या
यहां राम मंदिर बनने के बाद से कारोबारी 20 गुना तक महंगी जमीनें खरीदने को तैयार हैं। इस पांच सालों अयोध्या में 50 छोटे-बड़े होटल बन चुके हैं। 2000 से अधिक होम स्टे, गेस्ट हाउस बन गए हैं। एयरपोर्ट बनने से देश-दुनिया से अयोध्या की कनेक्टिविटी और भी बढ़ गई है।
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सितंबर 2025 तक बनकर तैयैर होगा मंदिर
राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक के तीसरे दिन निर्धारित समय सीमा के मुताबिक कार्य पूरा करने पर चर्चा की गई। समिति व राम मंदिर ट्रस्ट के सामने मजदूरों की कमी चिंता का विषय है, जिस वजह से राममंदिर निर्माण का काम निर्धारित समय सीमा से तीन महीने लेट चल रहा है। अब राममंदिर सहित परकोटा के निर्माण की नई समय सीमा सितंबर 2025 तय की गई है। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि श्रमिकों की संख्या कम होने से काम पर असर हो रहा है। 200 मजदूर कम हैं।
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