भगवान भरोसे आगरा के मरीज, 237 अस्पतालों में नहीं है फायर NOC, जांच के दौरान खुली पोल
Agra Hospitals Fire NOC Inspection: दिल्ली अग्निकांड के बाद आगरा प्रशासन भी एक्शन में आ गया है। स्वास्थ्य और अग्निशमन विभाग के संयुक्त निरीक्षण के दौरान सुरक्षा को लेकर कई गंभीर खामियां मिली हैं।
- Written By: अमन मौर्या
आगरा में स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन विभाग ने संयुक्त निरीक्षण अस्पतालों में फायर सेफ्टी और NOC की जांच की (फोटो सोर्स- नवभारत)
Delhi Hotel Fire Impact Safety Audit: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर में एक होटल में भीषण अग्निकांड में 21 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद पूरे देश में शोक और चिंता का माहौल है। इस हादसे ने एक बार फिर देश की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजधानी दिल्ली में यह कोई पहली घटना नहीं है, लेकिन हर बड़े हादसे के बाद सिस्टम का जागना और फिर कुछ समय बाद सब कुछ सामान्य हो जाना अब एक चिंताजनक प्रवृत्ति बन चुकी है।
प्रशासन ने किया संयुक्त निरीक्षण
दिल्ली हादसे की भयावहता के बाद अब उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में प्रशासन हरकत में दिखाई दे रहा है। स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन विभाग संयुक्त रूप से अस्पतालों, होटलों और औद्योगिक क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान जो तस्वीरें सामने आई है, उसने मरीजों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर से बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
40 प्रतिशत अस्पतालों में गंभीर सुरक्षा खामियां
जिले के अस्पतालों में सुरक्षा मानकों पर जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में कुल 487 पंजीकृत अस्पताल संचालित हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 250 अस्पतालों के पास ही फायर विभाग की NOC उपलब्ध है। यानी 237 अस्पताल बिना फायर NOC के संचालित हो रहे हैं। यह स्थिति इसलिए और चिंताजनक है क्योंकि अस्पताल ऐसे स्थान होते हैं जहां बीमार, बुजुर्ग, नवजात और गंभीर मरीज भर्ती रहते हैं, जो किसी आपातकालीन स्थिति में स्वयं को बचाने में सक्षम नहीं होते।
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संयुक्त निरीक्षण के दौरान करीब 40 प्रतिशत अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी गंभीर खामियां भी सामने आई हैं। कई अस्पतालों में आग बुझाने के उपकरण या तो अनुपलब्ध मिले या मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। आपातकालीन निकासी व्यवस्था और सुरक्षा प्रोटोकॉल में भी कमियां उजागर हुई हैं।
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प्रशासन कर रहा कार्रवाई: CMO
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि अग्निशमन विभाग के साथ संयुक्त निरीक्षण जारी है और नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों के खिलाफ प्रशासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि बिना मानकों वाले अस्पतालों पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करते हुए सीलिंग जैसी कार्रवाई कर सकता है। बड़ा सवाल यही है कि क्या हर बार किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन जागेगा, या फिर लोगों की जान की सुरक्षा को लेकर पहले से ठोस व्यवस्था बनाई जाएगी?
