सीएम योगी आदित्यनाथ, फोटो- सोशल मीडिया
CM Yogi on G RAM G Scheme: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीबी जीरामजी से जुड़े एक महत्वपूर्ण बयान में विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। लखनऊ में मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष इस अधिनियम पर सवाल उठा रहा है क्योंकि वह अपने गलत कामों का समर्थन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मनरेगा के तहत पहले संसाधनों की लूट की जाती रही, लेकिन अब इस संशोधन के बाद यह योजना “विकसित भारत” की नींव और मील का पत्थर साबित होगी। योगी आदित्यनाथ ने कहा, “प्रधानमंत्री ने देश के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जो विकसित भारत की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “विकसित भारत- रोजगार व आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण 2025 को मंजूरी मिल चुकी है। वह लोग जिन्होंने लंबे समय तक देश के संसाधनों का शोषण किया और देश के गरीबों को भूखा रहने, पलायन करने और बेरोजगारी का सामना करने पर मजबूर किया, वही लोग अब इस सुधार की आलोचना कर रहे हैं।
INDI गठबंधन इस कानून को लेकर सवाल उठा रहा है, जबकि इसे किसानों, मजदूरों और ग्रामीण इलाकों के विकास के लिए एक अहम कदम माना जाना चाहिए। NDA के सकारात्मक कदमों का समर्थन करने की बजाय, INDI गठबंधन खुले तौर पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली अपनी पुरानी परंपराओं का समर्थन कर रहा है।”
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इससले पहले शिवराज सिंह चौहान ने सवाल उठाया था कि मोदी सरकार के दौरान 8848 करोड़ रुपये दिए गए, जबकि कांग्रेस शासन में मनरेगा पर 2 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए। उन्होंने पूछा कि क्या इससे कोई स्थायी संपत्ति (Permanent Assets) बनी? उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा में 60 साल से अधिक उम्र के 30 प्रतिशत से ज्यादा मजदूर और 80 साल से ऊपर के लोग काम करते पाए गए।