'आज दिल्ली सो नहीं पाएगी': चंद्रशेखर की हुंकार! रैली से क्यों गायब थी चुनौती देने वाली 'गर्लफ्रेंड'?

नगीना सांसद Chandrashekhar ने हुंकार भरते हुए उसकी गूंज को दिल्ली और लखनऊ के गलियारों पहुंचाने का प्रयास किया। GIC मैदान में उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए उन्होंने सरकार को खुली चुनौती दी।
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नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने संविधान दिवस पर मुजफ्फरनगर में रैली की (फोटो- सोशल मीडिया)
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Nagina MP Chandrashekhar Rally: नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने संविधान दिवस पर मुजफ्फरनगर में ऐसी हुंकार भरी कि उसकी गूंज दिल्ली और लखनऊ के गलियारों तक सुनाई दी। जीआईसी मैदान में उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए उन्होंने सरकार को खुली चुनौती दी और कहा कि आज मेरी बातें सुनकर दिल्ली में बैठे लोगों की रात की नींद उड़ जाएगी। रैली का माहौल बेहद गर्म था, लेकिन वहां मौजूद हर शख्स की नजरें मंच के अलावा भीड़ में किसी और को भी तलाश रही थीं, जिसने पिछले 24 घंटे से सस्पेंस बना रखा था।

दरअसल, चंद्रशेखर की कथित एक्स गर्लफ्रेंड डॉ. रोहिणी घावरी ने सोशल मीडिया पर खुला ऐलान किया था कि वह इस रैली में हर हाल में शामिल होंगी। उन्होंने लिखा था कि जो होगा देखा जाएगा, अगर मुझे खरोंच भी आई तो चंद्रशेखर जेल जाएंगे। इस धमकी के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर था, लेकिन भारी हंगामे की आशंका के बीच रोहिणी रैली में नहीं पहुंचीं। दूसरी ओर, चंद्रशेखर ने मंच से संविधान की किताब लहराते हुए कसम खाई कि जब तक उनकी सांस चल रही है, संविधान पर कोई आंच नहीं आने देंगे।

बुलडोजर राज पर सीधा हमला

चंद्रशेखर ने केंद्र और यूपी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज संविधान खतरे में है। उन्होंने कहा कि संविधान हमें बोलने और धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है, लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि अगर कोई हक के लिए आवाज उठाता है, तो उसके घर पर बुलडोजर चला दिया जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि असल में अच्छे दिन तब आएंगे जब सत्ता की चाबी हमारे हाथ में होगी और प्रधानमंत्री हमारा होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बहुजन समाज की आवाज दबाना चाहती है। जो सरकार का साथ दे वह भक्त कहलाता है और जो विरोध करे उसे अपराधी घोषित कर दिया जाता है।

संघर्ष से समझौता नहीं

अपने संबोधन में चंद्रशेखर ने मान्यवर कांशीराम के संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने कहा कि कांशीराम जी के बाद आंदोलन कमजोर पड़ गया क्योंकि संघर्ष की जगह समझौतों ने ले ली, जिससे हमारा समाज हाशिये पर चला गया। उन्होंने साफ कहा कि यह लड़ाई अब आर-पार की है। रैली में सहारनपुर, मेरठ और मुरादाबाद मंडल के हजारों कार्यकर्ता जुटे थे। पार्टी ने दावा किया कि इस अभियान के तहत 50 लाख लोगों को संविधान बचाने और भाईचारा बनाने की शपथ दिलाई जाएगी। चंद्रशेखर ने चेताया कि संविधान विरोधी ताकतें यह जान लें कि भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी दीवार बनकर खड़ी है।

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