यूपी की 10 में से 9 सीटों पर उपचुनाव का ऐलान, अखिलेश के 'PDA'की होगी अग्निपरीक्षा

भारतीय चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश की 10 रिक्त विधानसभा सीटों में से 9 पर उप चुनाव की घोषणा की है। वहीं अयोध्या की मिल्की पुर विधानसभा में सीट को रोक लिया गया है।
महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, जानिए कहां कितने चरण में होगी वोटिंग और कब आएंगे नतीजे?
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार (सोर्स-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

लखनऊः महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव के साथ ही इलेक्शन कमीशन ने यूपी में उप चुनाव की घोषणा की है। आयोग ने उत्तर प्रदेश की 10 में से 9 विधानसभा सीटों में उप चुनाव का ऐलान किया है। वहीं अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा में चुनाव की घोषणा नहीं हुई है। इन 9 सीटों पर 13 नवंबर को मतदान होगा और 23 नवंबर को चुनाव परिणाम आएंगे।

ये भी पढ़ें-

उत्तर प्रदेश में फूलपुर, गाजियाबाद, मझवां, खैर, मीरापुर, सीसामऊ, कटेहरी, करहल और कुंदरकी विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है। इसमें कानपुर की सीसामऊ सीट को छोड़कर अन्य सभी सीटें विधायकों के सांसद बन जाने की वजह से खाली हुई हैं। सीसामऊ से इरफान सोलंकी के सजायाफ्ता हो जाने की वजह से सीट पर उपचुनाव हो रहा है। गौरतलब है कि उपचुनाव की सुगबुगाहट पहले से ही थी। जिसकी वजह से रानीतिक दलों ने उम्मीदवारों की घोषणा भी कर दी थी। बता दें कि अब तक सपा 6, जबकि बसपा 5 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान कर चुकी है। हालांकि भाजपा ने अभी तक एक भी प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। इलेक्शन कमीशन ने मिल्कीपुर विधानसभा में चुनाव की घोषणा नहीं की है, लेकिन समाजवादी पार्टी यहां से सांसद अवधेश प्रसाद के पुत्र अजीत प्रसाद को उम्मीदवार बना चुकी है। लोकसभा चुनाव में फैजाबाद(अयोध्या) सीट जीतने के बाद अवधेश प्रसाद सुर्खियों में आए थे। वहीं भाजपा की हार पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई थी।

बता दें कि जिन 9 सीटों पर उप चुनाव होना है। उनमें से 3 सीटें भाजपा के पास थीं, व एक सीट निषाद राज पार्टी के पास थी। वहीं मिल्की पुर को मिलाकर बाकी अन्य सीटें सपा के पास थीं। लोकसभा चुनाव में 'PDA'का नारा देकर चौकाने वाली सपा के लिए उपचुनाव लिटमस टेस्ट माना जा रहा है। क्योंकि उत्तर प्रदेश में इस उपचुनाव के बाद 2027 में सीधे विधानसभा चुनाव होगा। इससे पहले उप चुनाव के जरिए अखिलेश यादव के पास लोकसभा चुनाव के नतीजों को तुक्का नहीं तीर साबित करने आखिरी मौका है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com