अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में जांच पूरी, SIT ने योगी सरकार को सौंपी रिपोर्ट, FIR की बड़ी सिफारिश!
Ayodhya Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर चंदा मामला में विजय विश्वास पंत की अगुवाई वाली 3-सदस्यीय SIT ने UP के ACS (गृह) संजय प्रसाद को शुरुआती जांच रिपोर्ट सौंपी। FIR और नए CEO की सिफारिश की।
- Written By: प्रिया जैस
राम मंदिर चंदा विवाद (सौजन्य-IANS)
SIT Preliminary Report Ram Mandir: उत्तर प्रदेश में अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावे में कथित हेराफेरी मामले में एसआईटी ने अपनी जांच पूरी कर ली है। चंदा चोरी मामले में SIT की शुरुआती जांच रिपोर्ट आई है। इस मामले में 3 सदस्यों वाली SIT ने UP के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (होम) संजय प्रसाद को शुरुआती जांच रिपोर्ट सौंपी।
लखनऊ डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने दो अन्य सदस्यों के साथ मिलकर यह शुरुआती रिपोर्ट सौंपी। SIT की जांच अभी भी चल रही है और सभी सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।
एसआईटी ने सौंपी जांच रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मामले की जांच कर रही 3 सदस्यों वाली स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट UP के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (होम) संजय प्रसाद को सौंप दी है।
सम्बंधित ख़बरें
लखनऊ अग्निकांड मामला: SIT ने तेज की जांच, घटनास्थल पहुंचकर जुटाए सबूत
लखनऊ अग्निकांड में बुझ गए बाराबंकी के दो चिराग! इकलौते बेटे की गई जान, परिवारों पर टूटा गमों का पहाड़
लखनऊ अग्निकांड में 4 अधिकारियों पर गिरी गाज, सीएम योगी ने किया सस्पेंड, बिल्डिंग का मालिक फरार
SIT करेगी लखनऊ अग्निकांड की जांच, सीएम योगी ने 7 दिन में मांगी रिपोर्ट; पुलिस ने 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार
#WATCH | Uttar Pradesh: The 3-member Special Investigation Team (SIT), probing the alleged Ram Temple donation embezzlment case, submits its preliminary report to Sanjay Prasad, UP Additional Chief Secretary (Home). pic.twitter.com/xixuOAhhor — ANI (@ANI) June 23, 2026
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी टीम ने अपनी रिपोर्ट में FIR दर्ज करने को कहा है और ट्रस्ट का पुनर्गठन करने की सिफारिश की है। टीम ने सुझाव दियाहै कि किसी वरिष्ठ अधिकारी को मंदिर का सीईओ (CEO) नियुक्त किया जाए। सरकार ने साफ कह दिया है कि जांच अभी जारी है। इसका मतलब चंदा में हेराफेरी मामले में अंतिम रिपोर्ट अभी सामने आने की है।
तीन सदस्यीय SIT टीम का किया गठन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर, इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई थी। लखनऊ के डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत की अगुवाई में, SIT ने अयोध्या में छह दिनों तक बारीकी से जांच की।
जांच के दौरान, SIT ने पांच दर्जन से ज्यादा लोगों से पूछताछ की, जिनमें मंदिर प्रशासन के कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी, ट्रस्ट से जुड़े लोग और दूसरे संबंधित व्यक्ति शामिल थे। टीम ने चढ़ावे की गिनती और रखरखाव, सुरक्षा इंतज़ामों और कथित गड़बड़ियों से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच की।
यह भी पढ़ें – लखनऊ अग्निकांड मामला: SIT ने तेज की जांच, घटनास्थल पहुंचकर जुटाए सबूत
फंड में गड़बड़ी के लगे थे आरोप
गौरतलब है कि अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे के तौर पर मिले फंड में गड़बड़ी और हेराफेरी के आरोपों के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया था। मामले की गंभीरता और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए, राज्य सरकार ने तीन सदस्यों वाली SIT का गठन किया।
SIT में लखनऊ के डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक (लखनऊ जोन) किरण एस. और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन शामिल हैं। जांच टीम को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने, तथ्यों को सामने लाने और जरूरी कार्रवाई के बारे में सरकार को रिपोर्ट सौंपने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
