भरत तिवारी के घर पहुंचे MLC पवन सिंह, भतीजी ने बांधी राखी तो भावुक हुआ माहौल, किया ये बड़ा ऐलान

Pawan Singh: भोजपुर के बिलौटी गांव में पवन सिंह ने पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात की। परिजनों को समर्थन और न्याय का भरोसा दिया।
pawan singh met bharat tiwari family
भरत तिवारी के परिवार से मिले पवन सिंहसौजन्य-सोशल मीडिया
Published on
Updated on

Pawan Singh Met Bharat Bhushan Tiwari Family: बिहार में भोजपुरी गायक और विधान परिषद के सदस्य पवन सिंह बिलौटी गांव पहुंचे। भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में परिवार को अभी तक पूरी तरह न्याय का इंतजार है। इस बीच एमएलसी पवन सिंह उनके घर पहुंचे।

पवन सिंह ने भरत तिवारी को पुष्पांजलि अर्पित की और उनके परिवार के सदस्यों के साथ मुलाकात की। यहां उन्होंने काफी समय उनके परिवार के साथ बिताया। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने उनसे न्याय की मांग की।

बिलौटी गांव पहुंचकर परिवार से की मुलाकात

बिहार के भोजपुरी गायक और एमएलसी पवन सिंह 17 जून को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत तिवारी के परिवार से मिलने के लिए भोजपुर के बिलौटी गांव पहुंचे थे। परिवार के सदस्यों से मुलाकात के बाद उनका समर्थन किया और साथ ही आश्वासन दिया कि उन्हें न्याय जरूर मिलेगा।

भतीजी ने पवन सिंह को बांधी राखी

इस बीच भोजपुरी सिंगर पवन सिंह ने एक देशभक्ति गीत लॉन्च करने की भी घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि वे भरत की याद में एक देशभक्ति गीत जारी करेंगे।

इस मुलाकात के दौरान भरत की भतीजी खुशी ने एमएलसी पवन सिंह और उनके चचेरे भाई रितिक को राखी बांधी। पवन सिंह ने भरत भूषण तिवारी की भतीजी को अपनी बहन माना, जिसके बाद माहौल भावुक हो गया। राखी बांधने के बाद भतीजी खुशी ने पवन सिंह से तोहफे के रूप में अपने चाचा के लिए न्याय की मांग की।

pawan singh met bharat tiwari family
नागपुर के गोधनी में क्लोरीन गैस लीक, 40 लोग अस्पताल में भर्ती, कई ICU में.. खाली कराया गया पूरा इलाका

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला क्या है?

यह मामला 17 जून की सुबह शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुई पुलिस मुठभेड़ से जुड़ा है। बिलौटी निवासी काशीनाथ तिवारी के पुत्र भरत भूषण तिवारी को पुलिस कार्रवाई के दौरान पांच गोलियां लगने की बात सामने आई थी।

परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि भरत भूषण ने पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया था, इसके बावजूद उसे गोली मारी गई। बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में भारी विरोध प्रदर्शन हुआ था।

मामले को लेकर एक प्राथमिकी दर्ज की गई। बाद में मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए राज्य सरकार ने न्यायिक आयोग का गठन किया। आयोग को पूरे घटनाक्रम की जांच कर तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल करनी है।

Navbharat Live
navbharatlive.com