

Highlights
पुलिस भर्ती बोर्ड ने 14 जुलाई को घोषित किया अंतिम परिणाम
14 और 15 मार्च 2026 को हुई थी लिखित परीक्षा
23 मार्च को प्रोविजनल उत्तरकुंजी जारी कर अभ्यर्थियों से मांगी थीं आपत्तियां
बोर्ड ने 32 प्रश्नों को विचार के लिए भेजा विशेषज्ञों के समक्ष
UP Police SI Recruitment 2025: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में सिविल पुलिस में सब इंस्पेक्टर और समकक्ष पदों पर भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका की सुनवाई करते हुए अंतिम उत्तरकुंजी को चुनौती देने वाली 22 याचिकाओं को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता ने श्याम सुंदर व दो अन्य याचिकाओं पर एक साथ फैसला सुनाया। इसके साथ ही भर्ती का अंतिम परिणाम बरकरार रखने का रास्ता साफ हो गया है। पुलिस भर्ती बोर्ड ने 14 जुलाई को अंतिम परिणाम घोषित किया था।
अदालत ने अपनी आदेश देते हुए माना कि प्रश्नों के उत्तर तय करने में विशेषज्ञ समिति की राय ली गई थी और इस प्रक्रिया में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं मिला।
उत्तर प्रदेश सिविल पुलिस भर्ती परीक्षा के खिलाफ दाखिल याचिका में कुछ प्रश्नों के उत्तरों को गलत बताते हुए अंतिम उत्तरकुंजी को चुनौती दी गई थी। उनका कहना था कि कुछ प्रश्नों के सही उत्तरों को लेकर आपत्तियां थीं, लेकिन बोर्ड ने उनके पक्ष पर उचित विचार नहीं किया। मामले में बोर्ड ने अपने हलफनामे के जरिए प्रक्रिया का पक्ष रखा। न्यायालय ने पाया कि उत्तरकुंजी तैयार करने और आपत्तियों पर निर्णय लेने के लिए विशेषज्ञ समिति की सहायता ली गई थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि अलग-अलग विशेषज्ञ किसी प्रश्न के उत्तर पर अलग राय रख सकते हैं। केवल मतभेद होने से किसी उत्तर को गलत नहीं माना जा सकता।
पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने 12 अगस्त 2025 को सब इंस्पेक्टर और समकक्ष पदों पर भर्ती के लिए 4,543 रिक्तियों का विज्ञापन जारी किया था। इसके लिए लिखित परीक्षा 14 और 15 मार्च 2026 को आयोजित की गई। बोर्ड ने 23 मार्च को प्रोविजनल उत्तरकुंजी जारी कर अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगी थीं।
अभ्यर्थियों की आपत्तियों और प्रश्नों की समीक्षा के बाद बोर्ड ने 32 प्रश्नों को विशेषज्ञों के समक्ष विचार के लिए भेजा। विषय विशेषज्ञों की राय के आधार पर उत्तरकुंजी में बदलाव किए गए और सात मई को संशोधित उत्तरकुंजी जारी की गई। इसके बाद 14 जुलाई को भर्ती का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया गया।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने बोर्ड के जवाब पर प्रत्युत्तर दाखिल करने से इनकार किया। अदालत ने कहा कि परीक्षा आयोजित करने वाला बोर्ड विशेषज्ञों की राय पर विचार करके उत्तरों की शुद्धता तय करने के लिए सक्षम है। न्यायालय को ऐसी कोई प्रक्रिया संबंधी अनियमितता नहीं मिली, जिसके आधार पर अंतिम उत्तरकुंजी या परिणाम में हस्तक्षेप किया जा सके।
अदालत ने यह भी माना कि किसी प्रश्न के उत्तर पर विशेषज्ञों की राय अलग-अलग हो सकती है और हर राय को अंतिम नहीं कहा जा सकता। ऐसे में बोर्ड की विशेषज्ञ समिति के निष्कर्षों को चुनौती देने का पर्याप्त आधार नहीं मिला। हाईकोर्ट के फैसले से सब इंस्पेक्टर भर्ती-2025 के अंतिम परिणाम को चुनौती देने वाली इन 22 याचिकाओं पर न्यायिक कार्यवाही समाप्त हो गई। अदालत ने भर्ती प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए याचिकाएं खारिज कर दीं।