

Highlights:
अलीगढ़ सिविल कोर्ट में नशे में घूमता मिला पुलिसकर्मी
अलीगढ़ में पुलिसकर्मी की अनुशासनहीनता पर SSP का सख्त एक्शन
वर्दी की गरिमा तार-तार, कोर्ट परिसर में नशे में घूमने का वीडियो वायरल
Aligarh Police Viral Video: न्यायालय परिसर में पुलिस की वर्दी की गरिमा और अनुशासन को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। अलीगढ़ के सिविल कोर्ट परिसर में एक पुलिसकर्मी के शराब के नशे में घूमने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जिस पुलिस पर कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी होती है, वहींं पुलिस कोर्ट परिसर में जब नशे में धुत पहुंचा तो मामला चर्चा का विषय बन गया।
हालांकि मामले पर तत्काल संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नीरज जादौन ने संबंधित पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया है। साथ ही उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू करा दी गई है।
मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी के न्यायालय परिसर में शराब के नशे में घूमने की बात सामने आई है। वीडियो के प्रसारित होने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और वर्दीधारी कर्मियों के आचरण को लेकर सवाल उठने लगे। लोग तरह तरह की बाते करने लगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नीरज जादौन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, एसएसपी ने कहा कि न्यायालय परिसर जैसे संवेदनशील स्थान पर पुलिसकर्मी का अनुशासनहीन आचरण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि सिपाही मोटरसाइकिल से उतरने के बाद कैसे लखड़ाता हुआ चल रहा है। नशे में धुत सिपाही के पैर भी जमीन पर नहीं पड़ रहे थे। किसी तरह मोटरसाइकिल चालक ने उसे मोटरसाइकिल से उतारा। हालांकि कुछ ही देर में एक अन्यपुलिसकर्मी वहां पहुंचा और उसने नशे में धुत सिपाही की मदद की और उसे कोर्ट पहुंचाया। इस पूरे घटनाक्रम को किसी ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
सीओ नगर तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि संबंधित पुलिसकर्मी का आचरण वर्दी की गरिमा, सेवा नियमों और पुलिस अनुशासन के अनुरूप नहीं पाया गया। इसी आधार पर उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। मामले में विभागीय जांच भी शुरू करा दी गई है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की गई है कि वर्दी की गरिमा और विभागीय अनुशासन से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। न्यायालय परिसर में पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी और आचरण को लेकर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।