

Akhilesh Yadav Vs BJP: शनिवार की सुबह समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से एक एक करके भाजपा सरकार पर आरोपों की लंबी लिस्ट जारी कर दी। अखिलेश यादन ने कानून-व्यवस्था, बुलडोजर कार्रवाई, आरक्षण, पीडीए वर्ग, पत्रकारों, अधिवक्ताओं, शिक्षामित्रों, आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और किसानों के मुद्दों को लेकर सरकार पर आरोपों की झड़ी लगा दी।
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय केवल प्रचार पर ध्यान दे रही है। अखिलेश यादव ने किसानों, आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और शिक्षकों के मुद्दों को भी उठाते हुए सरकार को जनविरोधी बताया।
आने वाले चुनावों में जनता देगी जवाब
सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि काला चश्मा लगाकर जनता को गुमराह करने वाले अब जाने वाले हैं, लौटकर नहीं आने वाले हैं।" सपा प्रमुख ने दावा किया कि प्रदेश की जनता बदलाव का मन बना चुकी है और आने वाले चुनावों में भाजपा को हराकर करारा जवाब देगी।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर कविता के माध्यम से एक-एक करके कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा। पूर्व सीएम अखिलेश ने लिखा, "काला चश्मा लगाकर आने वाले, अपने सच्चे मुकदमे हटवाने वाले। झूठे-फर्ज़ी मुक़दमे लगवाने वाले घमंड में रावण तक को हराने वाले। नमस्ते का भी संबंध न निभानेवाले, बुलडोज़र से घर-दुकान ढहाने वाले, बिजली-पानी के लिए सताने वाले, पत्रकार पर अपशब्द बरसाने वाले, ‘हाता नहीं भाता’ नीति चलाने वाले, वनस्पति-खोज में विदेश जाने वाले, अपना झूठा महाप्रचार करवाने वाले, अधिवक्ताओं पे लाठी चलवाने वाले...।
हालांकि पूर्व सीएम और सपा प्रमुख अखिलेश यादव को उनके इस पोस्ट पर कुछ यूजर्स ने उल्टे जवाब दिए। किसी ने उनकी कविता का जवाब कविता से ही देते हुए लिखा कि अपनी जंगलराज को आप इन कविता की पंक्ति से छुपा नहीं सकते....काग़ज़ी नारों से भीड़ जुटानेवाले, हर मुद्दे पर केवल शोर मचानेवाले। सत्ता में थे तब वादे भूल जानेवाले, विपक्ष में आकर ज्ञान सिखानेवाले।....
तो वहीं दूसरे यूजर ने लिखा, "देखो कौन बोल रहा है ? राम भक्तों पर गोली चलवाने वाले"...इतना ही नहीं अखिलेश यादव के इस पोस्ट के जवाब में एक यूजर ने सपा राज्य में महिला सुरक्षा पर ही सवाल उठा दिया।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। ऐसे में जहां एक तरफ भाजपा तीसरी बार सत्ता में आने की तैयारी कर रही है तो वहीं विभिन्न राजनीतिक दल आगामी चुनावों को लेकर अपनी रणनीतियां तैयार करने में जुटे हैं और नेताओं के बीच बयानबाजी का दौर भी तेज हो गया है।