सड़क पर नमाज गलत, तो बाकी त्योहार क्यों नहीं? ओवैसी का सरकार से सवाल, बोले- मुसलमानों को दबाया जा रहा

Article 25 Constitution Namaz Row: सड़क पर नमाज विवाद में ओवैसी ने दिया बड़ा बयान। अनुच्छेद 25 का हवाला देते हुए सरकार पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार दबाने का प्रयास कर रही है।
"If offering Namaz on the road is wrong, why not other festivals? Owaisi questions the government, stating: 'Muslims are being suppressed.'"
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Asaduddin Owaisi On Road Namaz: हाल ही में उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर दिए आदेश के बाद देशभर से तरह-तरह की प्रतिक्रिया सामने आई। इस बीच अब AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी बयान दिया है, जिसकी काफी चर्चा हो रही है। 'ईद मिलाप' के एक कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 25 का हवाला देते हुए कहा कि अगर सड़क पर नमाज पढ़ना गलत है तो सभी धर्म के धार्मिक गतिविधियों पर समान रूप से यह नियम लागू होना चाहिए।

ओवैसी ने यह भी कहा कि यह अनुच्छेद सभी धर्मों को पालन करने की स्वतंत्रता और प्रचार करने के अधिकार की गारंटी देता है। नमाज पर जताई जा रही आपत्तियों को उन्होंने दोहरा मापदंड करार दिया और सवाल उठाया कि अन्य समुदाय के धार्मिक जुलूसों और सभाओं पर ऐसी चिंताएं क्यों नहीं जताई जाती?

बकरीद की मुबारकबाद

तेलंगाना में 'ईद मिलाप' के एक कार्यक्रम में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने लोगों को बकरीद की मुबारकबाद दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं आप सभी को ईद-उल-अजहा की दिली मुबारकबाद देता हूं और अल्लाह से दुआ करता हूं कि वह अपनी रहमत और करम से हमारी दुआओं और हमारी दी गई कुर्बानियों को कुबूल फरमाए। याद रखें कि हममें से जिन लोगों के पास साधन थे, उन्होंने अपनी हैसियत के मुताबिक अल्लाह की राह में कुर्बानी दी। यह भी जरूरी है कि हम अपने गुनाहों की तौबा करें और उस गलत रास्ते पर न चलें, जिससे हमें या हमारे परिवार को नुकसान पहुंच सकता है और जिसके लिए हमें आखिरत में जवाबदेह होना पड़ सकता है।

याद दिलाया आर्टिकल 25

कार्यक्रम में असदुद्दीन ओवैसी ने लोगों को अनुच्छेद 25 याद दिलाया और कहा कि अगर सड़क पर नमाज पढ़ना गलत है, तो सभी धर्म के त्योहारों पर लोगों का सड़क पर निकलना भी गलत है। उन्होंने कहा कि अगर किसी के त्योहार पर मांस की दुकानें बंद रहनी चाहिए, तो रमजान के दौरान भी 30 दिनों तक शराब की दुकानें भी बंद होनी चाहिए। ओवैसी ने सरकार पर दोहरे मापदंड का भी आरोप लगाया।

मुसलमानों से नफरत का आरोप

हिंदू त्योहारों के दौरान सड़कों पर मांस, अंडे और चिकन की बिक्री पर सरकार द्वारा रोक लगाने पर ओवैसी ने पूछा कि यह किस तरह का कानून है? सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि आपकी नफरत केवल मुसलमानों के लिए ही है। ओवैसी ने सरकार पर एक खास धर्म के मानने वालों को दबाने का आरोप लगाया।

चर्चा में योगी-सुवेंदु का आदेश

बता दें, बकरीद से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर बयान दिया था, जोकि काफी चर्चा में बना रहा। उन्होंने नमाजियों से सड़क पर नमाज न पढ़ने और मस्जिदों में ही शिफ्ट में पढ़ने की नसीहत दी थी। इसी प्रकार, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने कोलकाता के रेड रोड पर पारंपरिक ईद की नमाज की रोक लगा दी थी। इसकी आलोचना करते हुए ओवैसी ने एक विशिष्ट समुदाय को निशाना बनाने का आरोप लगाया।

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