

OP Rajbhar vs SP PDA: उत्तर प्रदेश की राजनीति में जुबानी जंग तेज हो गई है। सुभासपा नेता ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को घेरते हुए कई विवादित और गंभीर बयान दिए हैं। यह विवाद चंदौली में सपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल पर हुए हमले और जौनपुर में हुए पुलिस एनकाउंटर के बाद और गरमा गया है।
ओपी राजभर ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि 95 प्रतिशत अपराधी यादव समाज से आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों को संरक्षण देना और जाति देखकर राजनीति करना सपा का पुराना कल्चर रहा है। राजभर ने बाराबंकी और मऊ की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों में यादव जाति के आरोपी शामिल थे, फिर भी अखिलेश यादव ने चुप्पी साधे रखी।
चंदौली में सपा की ही महिला जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल पर उनके घर में घुसकर हुए हमले को लेकर राजभर ने अखिलेश यादव को 'कौरवों' की याद दिलाई। गार्गी पटेल के बाल खींचकर घसीटा गया और लात-घूंसों से पीटा गया, लेकिन सपा का 'रेड कैप गैंग' तमाशा देखता रहा। सपा में न प्रजापति समाज सुरक्षित है और न ही कुर्मी।
अखिलेश यादव की तुलना दुर्योधन से करते हुए ओपी राजभर ने कहा कि जैसे महाभारत में द्रौपदी का अपमान होने पर योद्धा चुप थे, वैसे ही सपा में हो रहा है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि अखिलेश का भाग्य भी कौरवों की तरह ही होगा।
राजभर ने अखिलेश के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि सपा में गैर-यादव पिछड़ों की भूमिका केवल झंडा ढोने, दरी बिछाने और वोट देने तक सीमित है। उन्होंने आरोप लगाया कि सम्मान, सुरक्षा और सत्ता में पहला दावा केवल एक ही जाति (यादव) का रहता है। उन्होंने पूछा कि क्या अपनी ही महिला जिलाध्यक्ष को सुरक्षित न रख पाना ही सपा का सामाजिक न्याय है?
हाल ही में जौनपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए रवि यादव के मामले पर भी राजभर ने अखिलेश को घेरा। अखिलेश यादव ने इसे 'फर्जी एनकाउंटर' बताया था, जिस पर पलटवार करते हुए राजभर ने कहा कि जिस आरोपी के समर्थन में विपक्ष खड़ा है, उस पर हत्या और लूट के 23 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब आरोपी अपनी जाति का होता है, तो अखिलेश उसे बचाने के लिए पूरी ताकत लगा देते हैं।
मामले में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने भी पोस्ट करते हुए कहा कि चंदौली में सपा की महिला जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल के साथ सपा के गुंडों द्वारा की गई मारपीट ने समाजवादी पार्टी की महिला विरोधी और पिछड़ा विरोधी मानसिकता को पुनः सबके सामने ला दिया।