मिल्कीपुर के ‘महारण’ में अखिलेश का पीडीए पलटेगा बाजी! दांव पर सीएम योगी की प्रतिष्ठा, जानिए किस करवट बैठेगा ‘चुनावी ऊंट’
सपा और बीजेपी के लिए मिल्कीपुर सीट की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस सीट पर कमल खिलाने की जिम्मेदारी खुद सीएम योगी आदित्यनाथ ने ली है, जबकि सपा प्रमुख अखिलेश यादव पीडीए फॉर्मूले के तहत अपनी जीत...
- Written By: अभिषेक सिंह
योगी आदित्यनाथ व अखिलेश यादव (सोर्स-सोशल मीडिया)
अयोध्या: रामनगरी अयोध्या की सबसे हाई प्रोफाइल सीट मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा हो गई है। 10 जनवरी से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस सीट पर समाजवादी पार्टी ने अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा प्रत्याशी की घोषणा अभी बाकी है।
समाजवादी पार्टी और भाजपा के लिए मिल्कीपुर सीट की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस सीट पर कमल खिलाने की जिम्मेदारी खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ली है, जबकि सपा प्रमुख अखिलेश यादव पीडीए फॉर्मूले के तहत अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। मिल्कीपुर सीट पर उपचुनाव के लिए 5 फरवरी को मतदान होगा और 8 फरवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे। मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर जीत का पूरा दारोमदार जातियों के समीकरण पर निर्भर करता है।
दलित-मुस्लिम तय करते हैं चुनाव
इस सीट पर दलित और पिछड़े मतदाताओं के साथ ही मुस्लिमों की अच्छी खासी संख्या किसी भी प्रत्याशी की किस्मत तय करने में सक्षम है। यही वजह है कि अखिलेश यादव ने इस सीट पर पीडीए कार्ड खेला है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अखिलेश के दलित प्रत्याशी के खिलाफ भाजपा किसे मैदान में उतारती है।
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क्या हैं मिल्कीपुर के जातीय समीकरण
मिल्कीपुर सीट पर करीब 3 लाख 58 हजार मतदाता हैं, जिनमें से डेढ़ लाख अनुसूचित जाति के मतदाता हैं। जिनमें से सबसे ज्यादा पासी मतदाताओं की संख्या करीब 55 हजार है। इसके बाद पिछड़े मतदाताओं की संख्या आती है, जिनमें से 55 हजार यादव मतदाता ज्यादा प्रभावशाली हैं। इसके बाद मुस्लिम मतदाता भी इस सीट पर काफी प्रभावशाली नजर आते हैं। यही वजह है कि मिल्कीपुर सीट पीडीए के फॉर्मूले को ज्यादा सपोर्ट करती है।
गेमचेंजर साबित होगा पीडीए!
अखिलेश यादव को लगता है कि मिल्कीपुर सीट पर पीडीए गेम चेंजर साबित होगी। अनुसूचित जाति, पिछड़े और मुस्लिमों के बाद इस सीट पर करीब 60 ब्राह्मण मतदाता हैं। क्षत्रिय मतदाताओं की बात करें तो इनकी संख्या करीब 25 हजार है जबकि वैश्य मतदाता 20 हजार हैं। इसके अलावा कोरी 20 हजार, चौरसिया 18 हजार और पाल व मौर्य मतदाताओं का रुझान भी काफी अहम माना जा रहा है।
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यही वजह है कि बीजेपी हिंदू मतदाताओं को एकजुट कर इस सीट पर कमल खिलाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां उस टीम को तैनात किया है जिसने मुस्लिम बहुल कुंदरकी और सुरक्षित सीट कटेहरी में भाजपा के लिए जीत की पटकथा लिखी थी। योगी सरकार के 6 मंत्री मिल्कीपुर सीट पर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं।
