

Auraiya Viral News Of Missing Man: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस, प्रशासन और पूरे इलाके को हैरत में डाल दिया है। अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले कमल सिंह, जिनका करीब डेढ़ वर्ष पहले अज्ञात शव समझकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था, शनिवार को अचानक जीवित अपने घर लौट आए। उन्हें अपने सामने देखकर परिजनों की आंखें फटी रह गईं, जबकि पुलिस के सामने भी कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
दरअसल करीब डेढ़ साल पहले हाईवे किनारे एक अज्ञात शव मिला था। परिजनों और पुलिस ने उसकी पहचान कमल सिंह के रूप में कर ली और विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद अंतिम संस्कार भी कर दिया। इसके बाद परिवार ने मान लिया कि कमल अब इस दुनिया में नहीं रहे।
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब शनिवार को अजीतमल पुलिस कमल सिंह की पत्नी सुनीता को पूछताछ के लिए कोतवाली लेकर पहुंची। पूछताछ में सुनीता ने बताया कि पति ने अपने भतीजे को रुपये लेकर खेत बेच दिया था, जिससे दोनों के बीच विवाद हो गया।
नाराजगी में उसने कमल से कह दिया था कि जब तक दो लाख रुपये का इंतजाम न हो जाए, तब तक घर वापस न आए। इसके बाद कमल बिना बताए घर छोड़कर चला गया और सुनीता मजदूरी कर तीन बच्चों का पालन-पोषण करती रही।
पूछताछ के दौरान सुनीता ने अपने मोबाइल में पहले आए कुछ अज्ञात नंबरों पर दोबारा कॉल किया। एक नंबर इटावा के युवक ने उठाया और उसकी जिद पर फोन कमल सिंह को दे दिया। पत्नी से बात करते ही कमल ने बताया कि वह पूरी तरह जीवित है और जल्द घर लौट रहा है। शनिवार शाम वह सीधे अपने गांव पहुंच गया।
कमल सिंह ने बताया कि घर छोड़ने के बाद वह पहले पानीपत में मुर्गी फार्म पर काम करता रहा। बाद में ट्रक पर हेल्परी की और फिर ग्वालियर जाकर प्लंबिंग का काम शुरू कर दिया। इसी दौरान सीढ़ी से गिरने के कारण उसका पैर टूट गया। इलाज के समय उसने पत्नी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन नंबर ब्लॉक होने के कारण बात नहीं हो सकी।
कमल की वापसी के बाद अब सबसे बड़ा सवाल पुलिस के सामने है कि आखिर वह अज्ञात शव किसका था, जिसका अंतिम संस्कार कमल सिंह समझकर कर दिया गया था। पहचान में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई, इसकी जांच दोबारा शुरू कर दी गई है। पुलिस अब उस अज्ञात शव की वास्तविक पहचान स्थापित करने और पूरे घटनाक्रम की परतें खोलने में जुट गई है।