Agra: आगरा विश्वविद्यालय में छात्रों का हल्लाबोल, परीक्षा नियंत्रक के 'लापता' होने के लगाए पोस्टर

Agra University News: डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में बीएससी एग्रीकल्चर के छात्रों ने परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ियों पर प्रदर्शन किया। छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक के लापता पोस्टर लगाए।
Students protest at Agra University put up posters declaring the Controller of Examinations missing.
प्रदर्शन करते छात्र(सोर्स- नवभारत लाइव)
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Agra University Students Protest: 'विश्वविद्यालय प्रशासन मुर्दाबाद, कुलपति मुर्दाबाद, परीक्षा नियंत्रक मुर्दाबाद… कुलपति और परीक्षा नियंत्रक शर्म करो।' शनिवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय परिसर में गूंजते इन नारों के पीछे बीएससी एग्रीकल्चर के छात्रों की नाराजगी और भविष्य को लेकर चिंता थी। परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ियों से परेशान छात्र अपनी मांगों को लेकर विश्वविद्यालय पहुंचे, लेकिन अधिकारियों से मुलाकात नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक के लापता होने के पोस्टर तक लगा दिए। पोस्टर में परीक्षा नियंत्रक को ढूंढकर लाने वाले को 11 रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई।

Students protest at Agra University put up posters declaring the Controller of Examinations missing.
आगरा विश्वविद्यालय(सोर्स- नवभारत लाइव)

एक-दो नंबर से फेल करने का आरोप

बीएससी एग्रीकल्चर के छात्रों का आरोप है कि उन्होंने पहली बार सभी परीक्षाएं दी थीं, इसके बावजूद परिणाम में उन्हें अनुपस्थित दर्शा दिया गया। इसके बाद दोबारा परीक्षा देने पर कई विषयों में एक या दो अंकों से फेल कर दिया गया। छात्रों का दावा है कि यह समस्या किसी एक-दो विद्यार्थी तक सीमित नहीं है, बल्कि करीब 75 प्रतिशत से अधिक छात्र इससे प्रभावित हैं। उनकी संख्या हजारों में होने की बात भी कही जा रही है।

छात्रों का कहना है कि परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ियों के कारण उनका शैक्षणिक भविष्य अधर में लटक गया है। वे लगातार विश्वविद्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होने से उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है। छात्रों ने मांग की कि उनकी उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराया जाए या उन्हें कॉपियां दिखाकर परिणाम संबंधी गड़बड़ियों को दूर किया जाए।

अधिकारियों के कार्यालय नहीं मिलने पर लगाए पोस्टर

एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव ने 'नव भारत' से विशेष बातचीत में आरोप लगाया कि पिछले दो महीने से परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के कारण विद्यार्थी परेशान हैं। कभी छात्रों को अनुपस्थित दिखा दिया जाता है तो कभी दोबारा परीक्षा देने के बाद एक-दो अंकों से फेल कर दिया जाता है। जब विद्यार्थी अपनी शिकायत लेकर कुलपति, कुलसचिव या परीक्षा नियंत्रक के पास पहुंचते हैं तो उन्हें अधिकारी उपलब्ध नहीं मिलते।

उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। अधिकारियों के कार्यालयों में मुलाकात नहीं होने और कुर्सियां खाली मिलने से परेशान होकर विद्यार्थियों को पोस्टर लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही परीक्षा परिणाम की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो छात्र भूख हड़ताल शुरू करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

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10 से 11 बार विश्वविद्यालय आने का दावा

बीएससी एग्रीकल्चर थर्ड सेमेस्टर के छात्र अनुराग ने बताया कि पहली बार परीक्षा देने के बावजूद उन्हें और अन्य विद्यार्थियों को अनुपस्थित दर्शा दिया गया। इसके बाद दोबारा परीक्षा हुई तो कई छात्रों को एक-दो अंकों से फेल कर दिया गया। अनुराग का आरोप है कि विश्वविद्यालय उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।

उन्होंने कहा कि छात्र अपनी समस्या लेकर 10 से 11 बार विश्वविद्यालय आ चुके हैं, लेकिन कुलपति प्रोफेसर आशु रानी, कुलसचिव और अन्य संबंधित अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो पा रही है। शनिवार को भी विद्यार्थी सुबह से परिसर में बैठे रहे, लेकिन उनकी शिकायत सुनने के लिए कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। छात्रों ने मांग की कि उनकी उत्तर पुस्तिकाएं दिखाई जाएं, परीक्षा परिणाम की निष्पक्ष जांच हो और योग्य विद्यार्थियों को न्याय मिले।

भूख हड़ताल की दी चेतावनी

शिकोहाबाद से विश्वविद्यालय पहुंचे छात्र आशुतोष कुमार ने 'नव भारत' को बताया कि विद्यार्थी अपनी समस्या के समाधान की उम्मीद लेकर बार-बार आगरा आते हैं, लेकिन हर बार निराश होकर लौटना पड़ता है। उन्होंने कहा कि वह करीब 70 से 80 किलोमीटर की दूरी तय करके विश्वविद्यालय पहुंचे हैं। एक बार आने-जाने और अन्य जरूरी खर्चों में लगभग 200 से 250 रुपये खर्च हो जाते हैं।

आशुतोष के मुताबिक, आर्थिक खर्च के साथ विद्यार्थियों का समय भी बर्बाद हो रहा है। इसके बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विश्वविद्यालय में अधिकारियों से मुलाकात ही नहीं हो पा रही है तो विद्यार्थी अपनी शिकायत आखिर किसके सामने रखें? उन्होंने भी चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर छात्र भूख हड़ताल करेंगे।

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छात्रों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

बीएससी एग्रीकल्चर के विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ियों की जांच कराने, उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराने और प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि परीक्षा परिणाम में त्रुटियों के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य प्रभावित हो रहा है।

छात्रों ने स्पष्ट किया कि वे समाधान मिलने तक अपनी आवाज उठाते रहेंगे। फिलहाल, परीक्षा नियंत्रक के लापता होने के पोस्टर और विश्वविद्यालय परिसर में गूंजते विरोध के नारे परीक्षा परिणाम को लेकर विद्यार्थियों की नाराजगी को सामने ला रहे हैं। अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की शिकायतों पर क्या कदम उठाता है और परीक्षा परिणाम से जुड़ी समस्याओं का समाधान कब तक हो पाता है।

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