

Agra shop Encroachment Case: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के साथ जहां भाजपा समेत सभी राजनीतिक दल संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने में जुटे हैं, वहीं आगरा में समाजवादी पार्टी से जुड़े एक कार्यकर्ता पर गरीब दुकानदार को कथित रूप से धमकाने और उसकी दुकान पर कब्जा करने के आरोप ने सियासी माहौल को गरमा दिया है। पीड़ित मोहम्मद असलम सोमवार को अपनी पत्नी और बच्चों के साथ पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचा और कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गया।
पीड़ित असलम का आरोप है कि रकाबगंज क्षेत्र में जिस छोटी दुकान से वह मिस्त्री का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है, उस पर सपा कार्यकर्ता सप्पो उस्मानी ने कब्जा कर लिया है। असलम के मुताबिक, वह लंबे समय से अपनी दुकान और जगह को लेकर परेशान है। आरोप है कि उसे लगातार धमकियां दी जा रही हैं और जगह खाली नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई है।
असलम का दावा है कि उसे यह तक कहा गया कि कुछ ही महीनों में हालात और खराब हो जाएंगे और समाजवादी पार्टी की सरकार आने के बाद उसका जीना मुश्किल कर दिया जाएगा।
पीड़ित का कहना है कि वह इस मामले को लेकर पहले भी कई बार पुलिस के चक्कर काट चुका है, लेकिन अभी तक उसे अपेक्षित कार्रवाई नहीं मिली। सोमवार को परिवार के साथ पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचने के बाद जब अधिकारियों को मामले की जानकारी हुई तो असलम को पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के सामने बुलाया गया। पीड़ित ने पुलिस आयुक्त को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
पुलिस आयुक्त ने मामले को सहायक पुलिस आयुक्त सदर को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजते हुए पीड़ित को कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
‘नवभारत’ से विशेष बातचीत में पीड़ित असलम ने बताया कि वह मिस्त्री का काम करता है और इसी दुकान के माध्यम से अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। दुकान पर कब्जे के बाद उसकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। पत्नी और बच्चों के साथ पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे असलम ने कहा कि परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
पीड़ित ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस-प्रशासन से उसे न्याय नहीं मिला तो वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष अपनी फरियाद लेकर जाएगा। उसने यह भी कहा कि न्याय न मिलने की स्थिति में वह मुख्यमंत्री आवास या कार्यालय में न्याय न मिलने की स्थिति में आत्मघाती कदम भी उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी जहां संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने में जुटी है, वहीं आगरा के इस मामले ने पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं के आचरण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि दुकान पर कब्जे, धमकी और अन्य आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
अब निगाहें पुलिस कार्रवाई पर हैं। सवाल यह है कि क्या जांच के बाद सपा कार्यकर्ता के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं और कार्रवाई होती है या पीड़ित परिवार को न्याय के लिए एक बार फिर अधिकारियों के दरवाजे खटखटाने पड़ेंगे।
इसी क्रम में पीड़ित मोहम्मद असलम के बच्चों का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी के साथ वायरल हो रहा है जिसमें असलम के बच्चे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील कर रहे हैं कि हमें न्याया दें... योगी जी हमें न्याय दें... अब देखना होगा इस पूरे घटनाक्रम में आगरा पुलिस और प्रशासन किस तरह की कार्रवाई करता है।
वही इस प्रकरण में हिंदू महासभा के प्रवक्ता अवतार सिंह गिल ने कहा कि भाजपा की सरकार में समाजवादी पार्टी का नेता सप्पो उस्मानी खुलेआम दबंगई और गुंडई कर रहा है, उन्होंने आगरा पुलिस प्रशासन और सरकार से अपील की के ऐसे गुंडों और अपराधियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। अवतार सिंह गिल ने सवाल उठाने की जब समाजवादी पार्टी की सरकार नहीं है तब यह हालत हैं कि यह लोग रात के अंधेरे में गरीबों की जमीन पर खुले आम कब्जा कर रहे हैं अगर सरकार आ गई तो दिनदहाड़े गरीबों को लूटने का काम करेंगे।