

Agra Silver Theft Case: अगर आप आगरा से दूसरे शहरों में माल भेजने के लिए बसों का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। आगरा में बस के जरिए भेजी गई चांदी की खेप से करीब 48 किलो चांदी गायब होने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। जांच में बस एजेंसी का पूर्व चालक ही वारदात का आरोपी निकला। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पहले माल भेजने के तरीके की रेकी की और फिर अपने साथियों के साथ मिलकर चांदी लूटने की साजिश रची। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, आजमगढ़ के एक व्यापारी ने आगरा से बनारस के लिए चांदी की खेप संजय ट्रेवल्स की बस से भेजी थी। चांदी से भरे कट्टों को बस की सीट के नीचे रखकर गंतव्य तक पहुंचाया जाता था। कुल दो कुंतल चांदी की खेप में से करीब 48 किलो चांदी रास्ते में गायब हो गई। 27 तारीख को चांदी की खेप रिसीव होने के बाद मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद व्यापारी ने आगरा के थाना रकाबगंज में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो बस एजेंसी के पूर्व चालक की भूमिका सामने आई। आरोप है कि उसने माल भेजने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी होने का फायदा उठाया और अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, इटावा के पास सफारी गाड़ी का इस्तेमाल कर चांदी की खेप से चोरी की गई। जांच के दौरान वेजनाथ और उसके साथियों की भूमिका सामने आई। गोविंद गुप्ता से पूछताछ में भी पुलिस को अहम सुराग मिलने की बात कही गई है।
पुलिस जांच में चोरी की गई चांदी को मध्य प्रदेश में गलवाने की बात भी सामने आई है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 16 किलो चांदी, चार मोबाइल फोन, दो गाड़ियां और 50 हजार रुपये बरामद किए हैं। बरामद वाहनों में महिंद्रा एक्सयूवी कार भी शामिल है। पुलिस अब बरामदगी के साथ-साथ चोरी गई शेष चांदी के बारे में जानकारी जुटा रही है।
अपर पुलिस उपायुक्त मनोज कुमार ने बताया कि इस गिरोह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने काफी मेहनत की। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में दो शातिर अपराधी हैं, जिनके खिलाफ विभिन्न थानों में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस की जांच अभी जारी है।
बसों के जरिए दूसरे शहरों में कीमती माल भेजने वाले कारोबारियों के लिए यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। माल की बुकिंग, उसकी निगरानी और प्राप्तकर्ता तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।