यूपी के अलीगढ़ से भाजपा सांसद सतीश गौतम। इमेज-सोशल मीडिया
MP Satish Gautam Controversial Statement : उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से भाजपा सांसद सतीश गौतम विवादित बोल के कारण फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने प्रशासनिक बैठक के दौरान मुस्लिम समुदाय को लेकर ऐसी आपत्तिजनक टिप्पणी की है, जिससे सियासी हलकों में उबाल आ गया। मामला अतिक्रमण हटाने से जुड़ा था, लेकिन सांसद के बयान ने इसे सांप्रदायिक रंग दे दिया।
पूरा घटनाक्रम शनिवार (7 फरवरी) को उस वक्त शुरू हुआ, जब प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह सर्किट हाउस में बजट की उपलब्धियों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। इस दौरान कोल राजवाहों (नहरों) पर अवैध अतिक्रमण का मुद्दा उठा। मंत्री ने अधिकारियों को जमीन मुक्त कराने के सख्त निर्देश दिए। इसी दौरान सांसद सतीश गौतम ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को फटकार लगाते हुए कहा कि मैं अलीगढ़ का सांसद हूं। एक मुल्ला भी नहीं बोलेगा। यह मेरी गारंटी है। डरने की कोई बात नहीं है।
सांसद के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मुस्लिम समुदाय और विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जताई है। लोगों का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि द्वारा किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाकर ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना न केवल असंवैधानिक है, बल्कि समाज में नफरत फैलाने की कोशिश है।
सतीश गौतम के लिए विवाद नई बात नहीं है। उनका राजनीतिक सफर अक्सर तीखे और विवादित बयानों के इर्द-गिर्द घूमता रहा है। साल 2018 में उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में लगी मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर पर बड़ा विवाद खड़ा किया था। उन्होंने इससे पहले भी अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से देख लेने और औकात बताने जैसी धमकियां दी हैं। पिछले चुनावों के दौरान भी वे धर्म के आधार पर ध्रुवीकरण करने वाले बयानों के लिए चर्चा में रहे थे।
“एक ‘मुल्ला’ नहीं बोलेगा मैं यहाँ का सांसद हूँ,। यहाँ एक परिंदा भी जब उड़ेगा, तब हमसे इजाजत लेगा।” अलीगढ़ के जिस सांसद सतीश गौतम ने विवादित बयान दिया है, आज सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक के दौरान, सांसद सतीश गौतम ने कथित तौर पर एक विशेष समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक… pic.twitter.com/pMa62g0REB — Parikshit Singh Adv (@iParikshitRana) February 7, 2026
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विशेषज्ञों का मानना है कि जब जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग इस तरह की शब्दावली का उपयोग करते हैं तो इससे उन उपद्रवियों को बल मिलता है जो जमीन पर नफरत फैलाना चाहते हैं। फिलहाल विपक्षी दलों ने भाजपा आलाकमान से सांसद के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। वहीं, जिला प्रशासन इस तनाव के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश में जुटा है।