पासवर्ड और ओटीपी के बिना कैसे सुरक्षित होंगे बैंक खाते? ऑनलाइन फ्रॉड रोकने के लिए आ रही है नई टेक्नोलॉजी
Visa Payment Passkey: भारत में ऑनलाइन फ्रॉड रोकने के लिए डिजिटल पेमेंट कंपनी वीजा ने अपना नया सॉल्यूशन लॉन्च किया है। अब ओटीपी के बजाय फिंगरप्रिंट से सुरक्षित पेमेंट हो सकेगा और ऑनलाइन फ्रॉड कम होगा।
- Written By: प्रिया सिंह
ऑनलाइन फ्रॉड रोकने के लिए नई टेक्नोलॉजी (सोर्स-सोशल मीडिया)
New Visa Payment Passkey: देश में बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। डिजिटल पेमेंट कंपनी वीजा ने भारत में अपना बिल्कुल नया ‘पेमेंट पासकी’ (VPP) सॉल्यूशन लॉन्च कर दिया है। अब लोगों को ऑनलाइन पेमेंट करते समय बार-बार पासवर्ड या ओटीपी डालने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे ऑनलाइन ठगी के मामलों में बहुत भारी कमी आने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
वीजा के इंडिया और साउथ एशिया हेड सुरेश सेठी ने गुरुवार को इस शानदार सुविधा की आधिकारिक घोषणा की है। उन्होंने बताया कि ग्राहक अब अपने मोबाइल के फिंगरप्रिंट या फेस रिकग्निशन की मदद से ही आसानी से पेमेंट कर सकेंगे। इससे ओटीपी चोरी करके होने वाले बैंक फ्रॉड से ग्राहकों को बहुत ही मजबूत और पुख्ता सुरक्षा मिलेगी। डिजिटल पेमेंट की दुनिया में अब पासवर्ड और ओटीपी का पुराना जमाना बहुत जल्द खत्म होने वाला है।
आईडीएफसी बैंक बना पहला पार्टनर
यह आधुनिक और सुरक्षित सॉल्यूशन सबसे पहले बैंकिंग पार्टनर के तौर पर आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) के साथ शुरू किया गया है। इस बेहतरीन सुविधा का लाभ फिलहाल मिंट्रा, पेटीएम, मेकमाईट्रिप, टाटा स्टारबक्स और रिलायंस डिजिटल जैसी जगहों पर मिलेगा। इसके अलावा ईटस्योर जैसे कुछ चुनिंदा मर्चेंट्स के यूजर्स भी इस खास सुरक्षा फीचर का पूरा फायदा उठा सकेंगे। धीरे-धीरे यह सुविधा देश के अन्य बड़े बैंकों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी पूरी तरह से लागू कर दी जाएगी।
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आरबीआई के नियमों का कड़ा पालन
वीजा का यह नया पासकी सॉल्यूशन पूरी तरह से फास्ट आइडेंटिटी ऑनलाइन (FIDO) ऑथेंटिकेशन स्टैंडर्ड पर ही आधारित है। यह कार्डहोल्डर्स को अपने मोबाइल डिवाइस के नेटिव सिक्योरिटी फीचर्स जैसे पिन या पैटर्न का इस्तेमाल करने की अच्छी सुविधा देता है। कंपनी ने साफ तौर पर कहा है कि उनका यह नया सिस्टम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कड़े नियमों के बिल्कुल अनुरूप है। आरबीआई ने सितंबर 2025 में डिजिटल पेमेंट के लिए वैकल्पिक तरीकों पर अपना फ्रेमवर्क जारी किया था।
बड़ी फिनटेक कंपनियों से साझेदारी
सुरक्षित पेमेंट के लिए वीजा ने इस तकनीक को कई बड़ी फिनटेक कंपनियों के साथ मजबूती से इंटीग्रेट भी किया है। इनमें रेजरपे, पेयू, पाइन लैब्स, बिलडेस्क, एम2पी फिनटेक और पेटीएम पेमेंट्स सर्विसेज जैसी कई बड़ी कंपनियां शामिल हैं। कंपनी का दावा है कि इस आधुनिक तकनीक से पेमेंट सक्सेस रेट में बहुत ज्यादा और शानदार सुधार देखने को मिलेगा। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पूरा करने में अब पहले से काफी कम समय लगेगा और ग्राहकों की भारी परेशानी तुरंत खत्म हो जाएगी।
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सुरक्षित और आसान डिजिटल कॉमर्स
सुरेश सेठी ने बताया कि वे लोगों को बायोमेट्रिक्स और पिन जैसे जाने-पहचाने तरीकों से पेमेंट की सुविधा सीधे तौर पर दे रहे हैं। इस नई पहल के जरिए डिजिटल कॉमर्स को पहले से ज्यादा सुरक्षित और इस्तेमाल में बहुत आसान बनाया जा रहा है। ओटीपी का मैसेज न आने की समस्या से भी अब लोगों को हमेशा के लिए पूरी तरह से छुटकारा आसानी से मिल जाएगा। यह एक ऐसा कदम है जो भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को दुनिया में सबसे सुरक्षित और बेहतरीन बना देगा।
