e-PAN और Pan Card (सोर्स-सोशल मीडिया)
Instant e-PAN Application Process: आयकर विभाग द्वारा जारी किया जाने वाला डिजिटल पैन या ई-पैन आजकल बहुत लोकप्रिय हो रहा है। इंस्टेंट ई-पैन आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से अब कोई भी व्यक्ति बिना किसी शुल्क के इसे बहुत आसानी से हासिल कर सकता है। यह उन लोगों के लिए सबसे अच्छा विकल्प है जिन्हें तुरंत वित्तीय लेनदेन के लिए पैन की जरूरत होती है। डिजिटल सिग्नेचर और यूनिक 10-अंकों वाले इस कार्ड की मान्यता हर सरकारी और निजी संस्थान में भौतिक कार्ड के समान ही होती है।
आयकर विभाग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार ई-पैन पूरी तरह से पेपरलेस और कानूनी रूप से मान्य दस्तावेज है। यह फिजिकल पैन कार्ड के बिल्कुल बराबर होता है और इसका इस्तेमाल सभी वित्तीय कार्यों और पहचान के लिए किया जा सकता है। इसमें एक यूनिक 10-डिजिट का नंबर और डिजिटल सिग्नेचर मौजूद होता है जो इसकी प्रामाणिकता को हर जगह सुनिश्चित करता है।
इस डिजिटल सेवा का लाभ केवल वे ही आवेदक उठा सकते हैं जिनके पास UIDAI द्वारा जारी वैध आधार नंबर मौजूद है। इसके साथ ही आवेदक का मोबाइल नंबर आधार के साथ रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है क्योंकि वेरिफिकेशन OTP इसी नंबर पर आता है। पहली बार पैन कार्ड बनवाने वालों के लिए यह सुविधा विशेष रूप से बहुत उपयोगी और समय बचाने वाली मानी जाती है।
इनकम टैक्स विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट के माध्यम से ई-पैन प्राप्त करना पूरी तरह से ऑनलाइन और पूरी तरह मुफ्त है। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का भौतिक दस्तावेज जमा करने या कोई भी आवेदन शुल्क देने की आवश्यकता नहीं होती है। आवेदन करने के मात्र कुछ ही मिनटों के भीतर आपका डिजिटल पैन कार्ड ईमेल पर या डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाता है।
ई-पैन आवेदन के लिए सबसे पहले आयकर विभाग के आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर इंस्टेंट ई-पैन विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद अपना आधार नंबर दर्ज करें और मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के जरिए अपनी पहचान को सफलतापूर्वक वेरीफाई करें। प्रक्रिया पूरी होते ही विभाग द्वारा ई-पैन कार्ड आपके रजिस्टर्ड ईमेल पते पर तुरंत PDF प्रारूप में भेज दिया जाएगा।
आवेदक चाहें तो NSDL या UTIISL की आधिकारिक वेबसाइटों के माध्यम से भी ई-पैन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इन वेबसाइटों पर आवेदन के दौरान आवेदक को भौतिक कार्ड के बजाय केवल ‘ई-पैन कार्ड’ का विकल्प चुनना होता है। हालांकि इन माध्यमों से आवेदन करने पर आवेदक को निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करना पड़ता है और जरूरी कागज अपलोड करने होते हैं।
जब ई-पैन कार्ड तैयार हो जाता है तो इसे आयकर वेबसाइट से आधार नंबर और OTP दर्ज करके आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है। इसके अलावा NSDL या UTI वेबसाइट पर एक्नॉलेजमेंट नंबर और जन्मतिथि डालकर भी इसे PDF के रूप में प्राप्त करना संभव है। पैन अलॉट होने के 30 दिनों के बाद डाउनलोड करने पर कुछ मामलों में मामूली शुल्क देना पड़ सकता है।
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यह सुविधा उन लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है जिन्हें बैंक खाता खोलने या अन्य निवेश के लिए तुरंत पैन नंबर चाहिए। पेपरलेस होने के कारण यह पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल है और इसे कहीं भी डिजिटल माध्यम से ले जाना बहुत सुरक्षित है। भविष्य में अगर फिजिकल कार्ड की जरूरत पड़ती है तो उसके लिए अलग से आवेदन करके उसे मंगवाया जा सकता है।
ई-पैन का उपयोग बैंक लेनदेन, ITR फाइलिंग और पहचान पत्र के रूप में बिना किसी संकोच के हर जगह किया जा सकता है। डिजिटल रूप में होने के कारण इसके खोने या फटने का डर नहीं रहता और यह आपके ईमेल में हमेशा सुरक्षित रहता है। सरकार की यह डिजिटल पहल करदाताओं के लिए प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
Ans: हां, आयकर विभाग के अनुसार ई-पैन कार्ड एक कानूनी रूप से मान्य दस्तावेज है और इसे पैन कार्ड की तरह हर जगह इस्तेमाल किया जा सकता है।
Ans: आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से इंस्टेंट ई-पैन कार्ड बनवाना पूरी तरह से मुफ्त है और इसमें कोई शुल्क नहीं देना पड़ता।
Ans: इसके लिए केवल एक वैध आधार कार्ड की आवश्यकता होती है जो आपके सक्रिय मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए।
Ans: इसे आयकर पोर्टल या एनएसडीएल/यूटीआई की वेबसाइट से आधार नंबर, OTP और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज करके डाउनलोड किया जा सकता है।
Ans: आधार आधारित वेरिफिकेशन के माध्यम से ई-पैन कार्ड की पूरी प्रक्रिया डिजिटल है और यह कुछ ही मिनटों में तैयार होकर मिल जाता है।