8वां वेतन आयोग (सोर्स-सोशल मीडिया)
Proposed Salary Hike For Central Government Employees: देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी एक बहुत ही सुखद खबर सामने आई है। कर्मचारी संगठनों की संस्था NC-JCM ने सरकार को सौंपने के लिए एक विशेष मांग पत्र का मसौदा तैयार किया है जिसमें वेतन और पेंशन को लेकर क्रांतिकारी बदलावों की वकालत की गई है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित वेतन वृद्धि के इस महत्वपूर्ण दस्तावेज में कर्मचारियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए उनकी बुनियादी जरूरतों और महंगाई को ध्यान में रखा गया है। अगर इन सुझावों को मान लिया जाता है, तो सरकारी कर्मचारियों के जीवन स्तर में एक बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ होगी।
कर्मचारी पक्ष ने सुझाव दिया है कि इस बार फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 2.86 से 3.15 के बीच रखा जाना चाहिए ताकि वास्तविक वेतन वृद्धि सम्मानजनक हो। न्यूनतम वेतन तय करने के लिए ‘डॉ. एक्रॉयड फॉर्मूले’ को आधार बनाने की बात कही गई है जिसमें भोजन, कपड़े और आवास की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा जाता है। इससे 50.14 लाख कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में अच्छी खासी बढ़ोतरी होगी जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और भी अधिक मजबूत और स्थिर हो जाएगी।
अब तक वेतन आयोग का गठन हर 10 साल में होता आया है लेकिन संगठन ने अब इसे घटाकर हर 5 साल में करने की पुरजोर मांग की है। उनका तर्क है कि बढ़ती महंगाई और GDP विकास दर को देखते हुए लंबे अंतराल तक इंतजार करना कर्मचारियों के लिए काफी नुकसानदेह साबित होता है। अगर यह सुझाव मान लिया जाता है तो कर्मचारियों को अपनी मेहनत का फल और वेतन वृद्धि का लाभ बहुत ही कम समय में मिलने लगेगा।
महंगाई भत्ता यानी डीए जब भी 50 प्रतिशत के स्तर को पार कर जाए तो उसे तुरंत मूल वेतन में मर्ज करने का सुझाव भी इस ड्राफ्ट में शामिल है। सबसे महत्वपूर्ण मांग नई पेंशन योजना को खत्म कर पुरानी पेंशन योजना यानी OPS को फिर से बहाल करने की है क्योंकि NPS में सामाजिक सुरक्षा की गारंटी नहीं है। इसके अलावा मकान किराया भत्ता यानी HRA को भी शहरों की वर्तमान वास्तविक स्थिति और बढ़ते किराए के अनुसार संशोधित करने की बात कही गई है।
संगठन ने विभागों में लेटरल एंट्री और आउटसोर्सिंग जैसी प्रथाओं को बंद करने का सुझाव दिया है ताकि आंतरिक प्रतिभा और अनुभवी कर्मचारियों को पदोन्नति के बेहतर अवसर मिल सकें। महिला और दिव्यांग कर्मचारियों के लिए छुट्टी के नियमों को और अधिक उदार बनाने के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाओं यानी CGHS को भी कैशलेस और बेहतर बनाने की मांग की गई है। रिक्त पदों को तत्काल भरने और कार्यभार को संतुलित करने पर भी जोर दिया गया है ताकि सेवा की गुणवत्ता बनी रहे और कर्मचारियों पर काम का बोझ कम हो।
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आठवें वेतन आयोग ने सभी स्टेकहोल्डर्स और व्यक्तिगत कर्मचारियों से अपने विचार साझा करने के लिए 30 अप्रैल 2026 तक का समय निर्धारित किया है। सभी सुझाव केवल ऑनलाइन माध्यम से माईगॉव (innovateindia.mygov.in) पोर्टल पर ही स्वीकार किए जाएंगे और किसी भी प्रकार की कागजी प्रति या ईमेल पर विचार नहीं किया जाएगा। यह सभी कर्मचारियों के लिए एक सुनहरा अवसर है कि वे अपनी मांगों को सीधे सरकार तक पहुंचाएं और अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने में सक्रिय योगदान दें।