सूरजकुंड मेले में इस बार क्या होगा खास? टिकट से लेकर लोकेशन तक, यहां मिलेगी पूरी जानकारी
Surajkund Mela 2026: सूरजकुंड मेला 2026 इस बार कई नई खासियतों और आकर्षणों के साथ आयोजित किया जाएगा। अगर आप जाने का प्लान बना रहे हैं तो टिकट, लोकेशन और एंट्री से जुड़ी हर जरूरी जानकारी जान लें।
- Written By: प्रीति शर्मा
सूरजकुंड मेला (सौ. फ्रीपिक)
Surajkund Mela Theme 2026: कला और संस्कृति के प्रेमियों के लिए साल का सबसे प्रसिद्ध आयोजन सूरजकुंड मेला अब बस कुछ ही दिनों में शुरू होने वाला है। हरियाणा के फरीदाबाद में 31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक चलने वाले इस मेले में सिर्फ भारतीय नहीं बल्कि विदेशी के भी शिल्पकार और कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
हस्तशिल्प और लोक कलाओं का विश्व प्रसिद्ध सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला एक बार फिर अपनी रौनक बिखेरने को तैयारा है। इस साल मेले का 39वां संस्करण शुरु होगा। जिसका उद्घाटन 31 जनवरी 2026 को किया जाएगा। यह मेला पर्यटकों के लिए 15 फरवरी तक खुला रहेगा।
इस साल क्या होगा खास
इस साल मेला बहुत ही खास होने वाला है क्योंकि इस बार उत्तर प्रदेश की भव्यता और मेघालय की प्राकृतिक सुंदरता का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। मेले के परिसर में दोनों राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प और स्वादिष्ट व्यंजनों की झलक देखने को मिलती है।
सम्बंधित ख़बरें
IRCTC Golden Chariot: शाही ठाठ और लग्जरी सुविधा एकसाथ… महाराजाओं जैसा सफर होगा आसान, फिर लौटी गोल्डन चैरियट
गेटवे ऑफ इंडिया की डीजल नौकाएं होंगी इलेक्ट्रिक; ईंधन खर्च और प्रदूषण घटाने के लिए नीति बनाएगी सरकार
पहाड़, हरियाली और शानदार व्यू…India की ये 5 जन्नत जैसी सड़कें, बाइक राइडिंग के लिए हैं बेस्ट
Central Railway के विस्टाडोम कोच बने यात्रियों की पहली पसंद, 5.33 लाख यात्रियों ने किया शाही सफर
इस बार मेले की सबसे बड़ी खासियत इसके थीम स्टेट हैं। साल 2026 के लिए उत्तर प्रदेश और मेघालय को संयुक्त रूप से थीम स्टेट चुना गया है। उत्तर प्रदेश के जरिए पर्यटक भगवान राम की नगरी अयोध्या, काशी विश्वनाथ की आध्यात्मिकता और लखनवी तहजीब से रूबरू होंगे। वहीं मेघालय और पूर्वोत्तर के अन्य आठ राज्यों की भागीदारी से सैलानियों का सेवन सिस्टर्स की जनजातीय कला, बांस के हस्तशिल्प और वहां के पारंपरिक संगीत का अनुभव मिलेगा।
यह भी पढ़ें:- बस एक गलती बिगाड़ देगी आपकी इंटरनेशनल ट्रिप, यात्रा से पहले कर लें ये जरूरी काम
कितनी होगी टिकट की कीमत
पर्यटकों की सुविधा के लिए मेले का समय सुबह 10:30 बजे से रात को 8:30 बजे तक रखी गई है। अगर आप आम दिनों में यानी सोमवार से शुक्रवार को आते हैं तो मेले की टिकट 120 रुपए प्रति व्यक्ति होगी। वहीं वीकेंड शनिवार और रविवार को जाने पर टिकट का प्राइस 180 रुपए प्रति व्यक्ति होगा। इसके अलावा छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और सैनिकों को टिकट पर 50 प्रतिशत की छूट भी मिलेगी।
कहां से कर सकेंगे टिकट बुक
टिकट बुक करने के लिए इस बार दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को पार्टनर बनाया गया है। पर्यटक दिल्ली सारथी ऐप के माध्यम से आसानी से ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली मेट्रो के प्रमुख स्टेशनों और मेला स्थल के काउंटर पर ऑफलाइन टिकट खरीद सकते हैं।
इस बार मेले के फूट कोर्ट में उत्तर प्रदेश की खास चाट और बिरयानी के साथ मेघालय की पारंपरिक भोजन का स्वाद भी मिलेगा। चौपाल पर हर शाम अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय कलाकारों का रंगारंग कार्यक्रम होगा। पर्यटकों के मनोरंजन के साथ बच्चों के लिए म्यूजमेंट जोन और एडवेंचर स्पोर्ट्स की भी व्यवस्था की गई है।
