बिना धोती-साड़ी के मंदिर में दर्शन करना होता है वर्जित, जानिए भारत के इन प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में
भारत जैसे देश में सभी मंदिर के भगवान के प्रसिद्ध मंदिर मौजूद है। इन मंदिरों में दर्शन के लिए देश से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग आते है इस दौरान मंदिर में नियम भी होते है जिनका सभी को पालन करना जरूरी है।
- Written By: दीपिका पाल
भारत कई संस्कृतियों और परंपराओं से सजा हुआ देश है जहां पर बहुत से मंदिर अपने महत्व और कथाओं के साथ देखने के लिए मिल जाएंगें। भारत जैसे देश में सभी मंदिर के भगवान के प्रसिद्ध मंदिर मौजूद है। इन मंदिरों में दर्शन के लिए देश से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग आते है इस दौरान मंदिर में नियम भी होते है जिनका सभी को पालन करना जरूरी है। क्या आप जानते है भारत में कई मंदिर ऐसे भी है जहां पर दर्शन बिना साड़ी और धोती के नहीं मिलता है। मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को इन नियमों का पालन करना होता है चलिए जानते है इन मंदिरों के बारे में...
1- महाकाल मंदिर उज्जैन (Mahakal Temple)- हम सबसे पहले बात कर रहे है मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकाल मंदिर की। इस मंदिर को भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। यहां पर दर्शन के साथ ही भस्म आरती काफी महत्व रखती है। लेकिन आपको बता दें, इस मंदिर में भस्म आरतीसे लेकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए महिलाओं को साड़ी और पुरुषों को धोती पहनना जरूरी होता है जिसे श्रद्धालुओं को मानना जरूरी है।
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2- पद्मनाभस्वामी मंदिर केरल (Sree Padmanabhaswamy Temple)- केरल के तिरुवंतपुरल जिले में स्थित इस मंदिर की अपनी खासियत है जहां पर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है तो यहां पर भगवान की प्रतिमा शेषनाग पर शयन मुद्रा में स्थापित है। इस मंदिर में रोजाना हजारों और लाखों श्रद्धालु देश-दुनिया से दर्शन के लिए आते हैं। इस मंदिर में भी बिना ड्रेस कोड के एंट्री नहीं मिलती है महिलाओं को साड़ी तो वहीं पर पुरूषों को धोती पहनना जरूरी है।
3- घृष्णेश्वर मंदिर दौलताबाद (Grishneshwar Mahadev Temple)- इस मंदिर को भी भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है जहां पर दर्शन करने के लिए श्रद्धालु पहुंचते है। दौलताबाद से यह मंदिर 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, इस मंदिर का निर्माण अहिल्याबाई होल्कर ने करवाया था। इस मंदिर में भी पुरुषों को बिना धोती के दर्शन की अनुमति नहीं मिलती है इस नियम का पालन करना जरूरी होता है।
4- तिरुपति बालाजी मंदिर (Tirupati Balaji)- यह मंदिर आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिला में स्थित है जहां पर भगवान विष्णु की प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते है। तिरूपति बालाजी मंदिर में भी नियम लागू होते है जिसका पालन करना हर श्रद्धालुओं के लिए जरूरी है। यहां पर दर्शन के लिए महिलाओं को साड़ी तो वहीं पर पुरुषों को धोती पहनना जरूरी होता है।
5- महाबलेश्वर मंदिर (Mahabaleshwar Temple)- महाराष्ट्र के सतारा में स्थित इस मंदिर में भगवान शिव के दर्शन करने के लिए मिलते है इस मंदिर की खासियत है यहां स्थित शिवलिंग स्वयंभू हैं, यानी यहां के शिवलिंग स्वयं उत्पन्न हुए हैं। गर्भगृह में स्थित शिवलिंगको महालिंगम कहा जाता है। यहां पर भी दर्शन के लिए ड्रेस कोड का पालन करना जरूरी होता है।
