
तेलंगाना के इस प्रसिद्ध मंदिर में है भगवान की जीवित प्रतिमा, जानें क्या है इसका रहस्य
Mysterious Temple: भारत अपनी संस्कृति और प्राचीन मंदिरों की वजह से पहचाना जाता है। यहां पर अलग-अलग मंदिर हैं जिनकी अपनी एक अलग खासियत है। दुनियाभर में प्रसिद्ध मंदिर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करने के लिए भी जाने जाते हैं। लेकिन भारत में एक ऐसा अनोखा मंदिर भी है जिसके बारे में जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। यह मंदिर तेलंगाना में मौजूद है जिसका नाम नरसिंह मंदिर है। यह मंदिर अपनी जीवित प्रतिमा के कारण विश्व भर में प्रसिद्ध है। मंदिर की प्राकृतिक सुंदरता और पहाड़ियों का शांत वातावरण लोगों को पसंद आता है। यहां पर लोग ध्यान और प्रार्थना करने आते हैं।
भारत का प्रसिद्ध नरसिंह मंदिर तेलंगाना राज्य के वारंगल जिले के मल्लूर गांव में स्थित है। इस मंदिर में भगवान नरसिंह की 10 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित है। माना जाता है कि यह प्रतिमा जीवित है। इस मंदिर की यही सबसे बड़ी खासियत है। जानकारी के अनुसार यह मंदिर 6वीं शताब्दी से पहले का है और इसका इतिहास करीब 4776 साल पुराना है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऋषि अगस्त्य ने इस पहाड़ी का नाम हेमचला रखा था।
श्रद्धालुओं का मानना है कि इस मंदिर में स्थापित भगवान नरसिंह की प्रतिमा दिव्य ऊर्जा का प्रतीक है। उनकी आंखें, मुखमंडल और त्वचा एक जीवित व्यक्ति की तरह दिखती है। कहा जाता है कि प्रतिमा की त्वचा जीवित इंसान की तरह मुलायम है और इसे दबाया जाए तो गड्ढा बन जाता है। यही वजह है कि इस मंदिर को दुनिया के अनोखे मंदिर में गिना जाता है।
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यह मंदिर दक्षिण भारतीय वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है। इसका मुख्य द्वार गोपुरम नाम एक भव्य संरचना है जिसे देखने लोग दूर दूर से आते हैं। मंदिर की दीवारों पर देवी और देवताओं की सुंदर मूर्तियां हैं। पौराणिक कथाओं की नक्काशी इस मंदिर की खूबसूरती बढ़ाती है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्तों को करीब 150 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है।
मल्लूर नरसिंह स्वामी मंदिर में ब्रह्मोत्सवम के दौरान भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। इस उत्सव का आयोजन हर साल होता है और भगवान नरसिंह की मूर्ति को एक भव्य शोभायात्रा में ले जाया जाता है। यह मंदिर आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र भी है।






