6G Service (Source. Freepik)
6G Speed in India: भारत अब डिजिटल दुनिया में एक और बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में है। जहां एक तरफ 5G इंटरनेट तेजी से गांव-गांव तक पहुंच चुका है, वहीं अब 6G तकनीक को लेकर तैयारियां भी जोर पकड़ रही हैं। सरकार ने साफ संकेत दे दिए हैं कि साल 2030 तक देश में 6G सेवा शुरू करने का लक्ष्य है। यह केवल इंटरनेट अपग्रेड नहीं, बल्कि डिजिटल क्रांति का अगला बड़ा कदम होगा, जो आम लोगों के इंटरनेट इस्तेमाल के तरीके को पूरी तरह बदल देगा।
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट कहा है कि भारत 2030 तक 6G सेवाएं शुरू करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस लक्ष्य का ऐलान कर चुके हैं। सरकार का मकसद सिर्फ नई तकनीक अपनाना नहीं, बल्कि दुनिया के उन देशों में शामिल होना है जो 6G को सबसे पहले लागू करेंगे।
6G तकनीक की सबसे बड़ी खासियत इसकी जबरदस्त स्पीड और बेहद कम लेटेंसी होगी। यह 5G से 10 से 100 गुना ज्यादा तेज हो सकती है, यानी 1 टेराबाइट प्रति सेकंड तक की स्पीड संभव होगी। इसका मतलब है कि बड़ी से बड़ी फाइल, मूवी या 4K वीडियो कुछ ही सेकंड में डाउनलोड हो जाएगा। इंटरनेट पर देरी लगभग खत्म हो जाएगी और यूजर्स को रियल टाइम में स्मूद अनुभव मिलेगा।
6G सिर्फ तेज इंटरनेट नहीं देगा, बल्कि पूरी डिजिटल दुनिया को नया रूप देगा। इसमें रियल टाइम 3D होलोग्राम कॉल, सेल्फ ड्राइविंग कार और स्मार्ट सिटी जैसी तकनीकें आम हो जाएंगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ मिलकर यह इंटरनेट को और स्मार्ट बनाएगा, जहां मशीनें खुद फैसले लेने में सक्षम होंगी। हेल्थ सेक्टर में रिमोट सर्जरी और एजुकेशन में वर्चुअल क्लासरूम जैसी सुविधाएं भी तेजी से बढ़ेंगी।
सरकार ने ‘भारत 6G विजन‘ के तहत इस दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। 100 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी जा चुकी है और करीब 271 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। यह फंड स्टार्टअप्स, रिसर्च संस्थानों और इंडस्ट्री को दिया जा रहा है ताकि भारत सिर्फ यूजर नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी का निर्माता भी बन सके।
भारत 6G के वैश्विक मानकों को तय करने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसके लिए 3GPP और International Telecommunication Union जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। लक्ष्य है कि भारत कम से कम 10% ग्लोबल पेटेंट में योगदान दे।
सरकार ने 2025 से 2035 तक का स्पेक्ट्रम रोडमैप तैयार किया है, जिसे तीन चरणों में लागू किया जाएगा। इससे रिसर्च और डेवलपमेंट को लगातार बढ़ावा मिलेगा और हर साल नई तकनीक को बेहतर बनाया जा सकेगा।
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6G आने के बाद इंटरनेट सिर्फ तेज नहीं होगा, बल्कि पूरी जिंदगी डिजिटल तरीके से आसान और स्मार्ट बन जाएगी। मिडिल क्लास के लिए यह एक बड़ी राहत और अवसर दोनों साबित हो सकता है।